भिवानी। हालुवास गेट स्थित सिद्धपीठ बाबा जहरगिरी आश्रम में जारी नौ दिवसीय अखंड शतचंडी महायज्ञ का समापन मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ किया। इस दौरान नवमी के अवसर पर कंजक पूजन भी किया।
महंत डॉ. अशोक गिरी महाराज ने कहा कि जप से हम अपने भीतर विभिन्न गुणों को जागृत करके उन गुणों को अपने चारों ओर के संसार में प्रकट होते देख और समझ पाने की शक्ति भी पाते हैं। हम सभी अपने प्राचीन ऋषियों के आभारी है, जिन्होंने दिव्यता का आराधन उसके संपूर्ण वैविध्य गुणों के साथ किया, जिसने हमारे लिए जीवन को पूर्णता से जीने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि जहरगिरी आश्रम में नवरात्रि के उपलक्ष्य में नौ दिवसीय अखंडत शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया था, जिसका समापन रामनवमी के अवसर पर पूर्णाहुति के साथ किया। इस अवसर पर बाबा कैलाश गिरी, घनश्याम यति, प्रताप सरपंच, सुनील बोदिया, नरेश पंच, आशीष, काशी से आये हुए पंडित विशाल पाठक, दीपक पाठक, आनंद पांडे, बसंत शर्मा, राजेंद्र शर्मा, शुभम कौशिक, बिजेंद्र जोगी, बसंत शास्त्री, कार्तिक पंडित, शुभम सैनी, रमन गुप्ता उपस्थित रहे।