भिवानी: नवजात बछड़े को रक्त चढ़ाते हुए पशु चिकित्सक प्रवीण।
भिवानी। गांव लेघां स्थित पशु अस्पताल में एक बछड़े की जान उसकी मां का खून चढ़ाकर बचाई गई है। थलेरिया नामक बीमारी से ग्रस्त नवजात बछड़े का उपचार गांव में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. प्रवीण ने किया है। बछड़े को करीब 200 एमएल खून चढ़ाया गया।
पशु चिकित्सक डॉ. प्रवीण ने बताया कि लेघां निवासी महीपाल की गाय ने दस दिन पहले एक बछड़े को जन्म दिया। नवजात बछड़ा काफी कमजोर था और वह अपने आप उठ भी नहीं पा रहा था। महीपाल ने पशु अस्पताल में आकर उनको बछड़े के बीमार होने की सूचना दी। उन्होंने बछड़े के खून का नमूना लेकर जांच करवाई। जांच में बछड़े में थलेरिया नामक बीमारी मिली। बछड़े में हीमोग्लोबिन की मात्रा केवल 2.1 ग्राम थी, जिससे बछड़े की जान जोखिम में बनी थी।
पशुपालन विभाग जिला में पशुधन को बचाने के लिए हर समय मुस्तैद है। लेघां में ब्लड ट्रांसफ्यूजन कर बछड़े की जान बचाई गई है। आमतौर पर ऐसे केस हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय में रेफर किए जाते हैं।
- डॉ. रविंद्र सहरावत, उप निदेशक पशुपालन विभाग, भिवानी।