संजय वर्मा (संवाद)
भिवानी। अब पूरे शहर को जाम से निजात दिलाने और बढ़ती आबादी के लिहाज से आवागमन के संसाधनों को बढ़ाने के मकसद से शहर के अंदर सातवें रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अब तक शहर में तीन रेलवे ओवरब्रिज बन चुके हैं, जबकि तीन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के दायरे में आ चुके हैं।
शहर के देवसर चुंगी से लोहारू रोड पर सातवां रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की तैयारी चल रही हैं। इसके लिए बीएंडआर विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पुल निर्माण के लिए भूमि की पैमाइश शुरू कर दी है। अधिकारी नए पुल की हर संभव संभावनाओं को तलाश शहर को जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक नया कदम बढ़ाने जा रहे हैं। लोहारू रोड पर पहले से ही एक रेलवे ओवरब्रिज बना हुआ हैं, मगर ये पुल करीब 50 साल पुराना हो चुका है, जबकि नेशनल हाईवे 709ई के अंतर्गत आने वाले लोहारू रेलवे ओवरब्रिज पर वाहनों का दबाव भी काफी बढ़ गया है। इस वजह से रोजाना ही यहां जाम के हालात बनते हैं।
नया बस स्टैंड से लोहारू रोड तक करीब चार से पांच किलोमीटर का हिस्सा नेशनल हाईवे 709ई के अंतर्गत आता है। इसमें शहर का अधिकांश सरकुलर रोड भी शामिल है। लोहारू रोड पर वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है। इसी के साथ शहर के अंदर से सरकुलर रोड होते हुए भी वाहन लोहारू व चरखी दादरी की तरफ आवागमन करते हैं। रोजाना ही करीब 75 हजार वाहनों का आवागमन यहां से होता है। देवसर चुंगी पर अधिकांश समय रेलवे फाटक बंद रहता है। क्योंकि लोहारू रोड से अंदर से शहर में आने वाले वाहनों को फाटक बंद का सामना करना पड़ता है। इस वजह से भी यहां दिनभर जाम बना रहता है। बीएंडआर विभाग के अधिकारियों की टीम ने देवसर चुंगी से लोहारू रोड पर नया रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए भूमि का मापन कर योजना का खाका तैयार किया।
लोहारू रेलवे ओवरब्रिज के समांतर बनेगा नया रेलवे ओवरब्रिज
लोहारू रोड पर पहले से करीब 900 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज बना हुआ है। यह हालुवास गेट से लोहारू रोड की तरफ नई अनाज मंडी गेट के सामने तक बना है। इसी तरह शहर के अंदरूनी हिस्से के सरकुलर रोड पर जोगीवाला मंदिर से लेकर लोहारू रोड अनाजमंडी के गेट तक नया रेलवे ओवरब्रिज भी पुराने पुल के समानांतर ही होगा। इसकी लंबाई भी लगभग इतनी ही होगी। ये दोनों पुल अंग्रेजी के वी अक्षर का आकार बनाएंगे। इन दोनों ही पुलों का एक छौर लोहारू रोड अनाज मंडी के सामने आपस में मिल जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि सीधा शहर के अंदर आने वाला वाहन पुल पार कर चंद सेकेंड में शहर में अंदर दाखिल होगा, जबकि शहर से बाहर रोहतक व दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन पुराने पुल से जाएंगे। जोगीवाला मंदिर से पुल को घुमावदार मोड़ दिया जाएगा।
देवसर चुंगी पर पहले मिली थी अंडरपास निर्माण की मंजूरी, भूमिगत जल आड़े आया
जुलाई 2016 में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से अंडरपास को मंजूरी मिली थी। इसमें तीन अंडर पास बनने थे, कृष्णा कॉलोनी जीतुवाला जोहड़ फाटक, तोशाम ओवरब्रिज बाल सेवा आश्रम के पास वाले फाटक, देवसर चुंगी के रेलवे फाटक शामिल थे। इनके लिए 11.81 करोड़ का बजट मंजूर किया गया था। सर्वे और प्लानिंग के लिए रेलवे को 14.90 लाख का चेक भी दिया गया था। उस समय भूमिगत जलस्तर दो मीटर था, जबकि अंडर पास निर्माण में पांच मीटर गहरी खुदाई होनी थी। अंडरपास का प्रोजेक्ट रद्द कर दिया, अब यहां रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है।
ये हैं भिवानी शहर में रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति
1. लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज
2. तोशाम रोड रेलवे स्टेशन के नजदीक
3. हांसी रोड नई पुलिस लाइन के पास
4. खरकड़ी रेलवे फाटक पर डबल रेलवे ओवरब्रिज निर्माणाधीन
5. जीतुवाला रेलवे ओवरब्रिज(प्रस्तावित)
6. भिवानी-महम मार्ग गांव कालुवास(प्रस्तावित)
7. सरकुलर रोड देवसर चुंगी लोहारू रोड(संभावित)
वर्जन-
देवसर चुंगी से लोहारू रोड पर नए रेलवे ओवरब्रिज का प्रारंभिक खाका तैयार करने के लिए मापन कार्य शुरू किया गया है। इस दौरान यहां पर पुल निर्माण की संभावनाएं जांची गई हैं। जोगीवाला मंदिर से लोहारू रोड अनाज मंडी गेट तक पुल बनेगा, इसके लिए पूरे क्षेत्र का मुआयना कर बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। एसडीओ शशांक कुमार के साथ जेई की टीम यहां मापन का कार्य कर पुल की लंबाई और चौड़ाई की ड्राइंग का प्रारंभिक प्रारूप तैयार कर रही है।
- कृष्ण कुमार, कार्यकारी अभियंता बीएंडआर विभाग।