भिवानी। संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य से साफ हो गया है कि किसान आंदोलन को लेकर उनकी नीयत में खोट है। यह बात इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कितलाना टोल पर किसानों के धरने को समर्थन देते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आंदोलन को लंबा करवाकर तोड़ना चाहते हैं, जिससे सजग रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन लंबा चलेगा, इसलिए सब मिलकर हर गांव में 10 से 15 लोगों की कमेटी बनाएं जो बॉर्डर और टोलों पर चल रहे धरनों को मजबूती देते रहें। उन्होंने विधानसभा से इस्तीफे पर रोशनी डालते हुए कहा कि जहां सत्ता के विरुद्ध विपक्ष में साथ देने वाला कोई न हो ऐसे सदन का सदस्य बने रहना उन्हें गवारा नहीं था। कितलाना टोल पर किसान महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने इलाके की सभी खापों के साथ किसान, व्यापारी, सामाजिक और कर्मचारी संगठनों का आभार जताया। अनिश्चितकालीन धरने के 46वें दिन की अध्यक्षता नर सिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, बिजेंद्र श्योराण, प्रभुराम गोदारा, राजकुमार दलाल, राज सिंह जताई, राकेश आर्य, गंगाराम श्योराण, सुभाष यादव, बीरमति ने संयुक्त रूप से । मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया।
धरने पर उत्तराखंड के चमोली में आए भारी जल प्रलय में जान गवाने और किसान आंदोलन में शहादत देने वालों के लिए किसानों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर पूर्व विधायक ओमप्रकाश गोरा, ओमप्रकाश कड़वासरा, सुरेश फौगाट, शमशेर फौगाट, राजू मान, कमल प्रधान, विजय पंचगाव, दिलबाग सिंह चेयरमैन, राज सिंह गागड़वास, सुनिल लांबा, कुलवंत कोटिया, होशियार सिंह पूर्व कमिश्नर, कृष्ण शर्मा, नरेंद्र राज गागड़वास, इंदु परमार, विद्यानंद हंसावास, राज कुमार हड़ौदी, दिलबाग ढुल, दिलबाग ग्रेवाल, भूपेंद्र पूर्व सरपंच, बलबीर बजाड़, अनिल शेषमा, दुष्यंत कलकल, सूबेदार सत्यवीर, पूर्व सरपंच समुंद्र सिंह आदि मौजूद थे।