भिवानी। प्रदेशभर के कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया चरम पर है और 24 सितंबर तक ही विद्यार्थी कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवेदन ले सकते हैं। मगर उच्च शिक्षा विभाग की लापरवाही अनेक बच्चों से उनका कॉलेज जाने का सपना छीन सकती है। दरअसल उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अभी भी बोर्ड का अपडेट रिजल्ट नहीं है। ऐसे में पुनर्मूल्यांकन के माध्यम से अंक बढ़वाने वाले हजारों बच्चों को अंक बढ़ने का कोई फायदा नहीं मिल रहा है और वे बेहतर अंक होने के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया में पिछड़ रहे हैं। इस बारे में बोर्ड अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि उनकी वेबसाइट पर अपडेट रिजल्ट है और उच्च शिक्षा विभाग को भी अपडेट परिणाम दिए जा चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि इस बार कोरोना के संक्रमण के चलते सीनियर सेकेंडरी की परीक्षाएं पूरी नहीं हो र्पाइं। जिस कारण हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने औसत आधार पर ही पहले हुई परीक्षाओं को आधार बना परिणाम घोषित किया था। अच्छा पेपर होने के बावजूद अंक बेहतर न आने पर हजारों बच्चों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था, जिसमें बच्चों के अंक भी बढ़े। जो फेल थे, न केवल पास हुए बल्कि बेहतर अंक भी आए।
अभिभावक और बच्चे बोले
एक बच्चे के अभिभावक अनिल कुमार ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अब भी पुराना परिणाम ही अपलोड है। इस कारण बच्चे के पुनर्मूल्यांकन में जो अंक बढ़े हैं, उनका फायदा नहीं मिल रहा है। इस बारे में बोर्ड अधिकारियों से भी संपर्क किया था, वो कहते हैं कि हमने अपडेट भेज दिया है। अगर एडमिशन में बढ़े अंकों का लाभ नहीं मिलेगा तो काफी बच्चे एडमिशन से वंचित रह जाएंगे। विद्यार्थी राहुल ने बताया कि उसके 15 अंक पुनर्मूल्यांकन में बढ़े हैं। अब विभाग की वेबसाइट पर अपडेट ही नहीं है। उसे चिंता है कि उसे एडमिशन मिलेगा या नहीं।
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काफी बच्चों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था और उनका अपडेट परिणाम भी बोर्ड की वेबसाइट पर अपडेट किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग को भी उनकी मांग के मुताबिक फार्मेट में अपडेट परिणाम भेजा जा चुका है।
- राजीव प्रसाद, सचिव हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
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संशोधित परीक्षा परिणाम जल्दी वेबसाइट पर मौजूद होगा। इसके निर्देश दिए जा चुके हैं।
- अंकुर गुप्ता, प्रधान सचिव, उच्च शिक्षा विभाग