भिवानी। जिला सामान्य अस्पताल परिसर स्थित डायलिसिस सेंटर संचालकों पर पर मरीजों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मरीजों का आरोप है कि डायलिसिस की प्रक्रिया चार घंटे की है जबकि ढाई घंटे में ही उन्हें हटा दिया जाता है। नियमानुसार डायलिसिस न होने के कारण उन्हें अपने स्वास्थ्य की भी चिंता सता रही है। डायलिसिस विभाग की दो मशीनें भी काफी दिन से खराब बताई जा रही हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि सभी स्वास्थ्य सुविधाएं नियमानुसार दी जा रही हैं।
जिला सामान्य अस्पताल परिसर स्थित ओपीडी में प्रथम तल पर डायलिसिस सेंटर बनाया गया है, जिसमें डायलिसिस के मरीजों का उपचार किया जाता है। यह सेंटर पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाया गया है। सेंटर में उपचार लेने वाले मरीजों ने विभाग पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। लोहारू वासी मरीज अवतार ने बताया कि वह करीब डेढ़ साल से सामान्य अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में उपचार ले रहा है। नियमानुसार अगर डायलेसिस करवाए तो करीब चार घंटे लगते हैं। मगर सेंटर में उसकी डायलिसिस कभी ढाई घंटे में तो कभी साढे़ तीन घंटे में कर देते हैं। जब उसने चिकित्सक व स्टाफ सदस्यों से उसका विरोध किया तो उन्होंने कहा कि मशीनें खराब है, इसलिए कम समय में डायलिसिस हो रही है। मरीज ने बताया कि मगर कम समय में डायलिसिस की जाती है तो मरीज के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन जाता है। ऐसे में प्रशासन को इसके प्रति कदम उठाना चाहिए। सेंटर में मरीजों के उपचार के लिए आठ मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन उनमें से दो मशीनें पिछले कई दिन से खराब पड़ी हैं। ऐसे में प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आती है।
रोजाना 20 से 25 मरीजों की होती है डायलेसिस
किडनी डायलिसिस को हफ्ते में 3 से 4 बार किया जाता है, इस कारण इससे व्यक्ति के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। आमतौर पर किडनी डायलिसिस को करने में 4 घंटे का समय ही लगता है। जिला सामान्य अस्पताल में स्थित डायलिसिस सेंटर में रोजाना करीब 20 से 25 मरीज डायलिसिस करवाने के लिए आते है।
मरीज के साथ डायलिसिस में लापरवाही का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मरीज की डायलिसिस में करीब चार घंटे का समय लगता है। डायलिसिस के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सक साथ रहते हैं और मरीज का उपचार करते हैं। सेंटर में डायलिसिस की दो मशीनेें खराब हैं, जिनकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई है। - मीनाल शर्मा, मैनेंजर डायलेसिस सेंटर, सिविल अस्पताल, भिवानी