बस स्टैंड परिसर में प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग करते कर्मचारी।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर रोडवेज बसों और स्पेशल ट्रेन का सफर लगातार जारी है। बुधवार को भी भिवानी बस स्टैंड से 18 रोडवेज बसों में करीब 750 प्रवासी मजदूरों को रोहतक रेलवे स्टेशन भेजा गया। हालांकि ट्रेन में सीटें फुल होने के कारण 100 मजदूरों को तीन रोडवेज बसों से भिवानी लौटा दिया गया। उन्हें गुजरानी मोड़ स्थित आश्रम में ठहराया गया है। वहीं सुबह नौ से साढ़े 11 बजे के बीच में सात रोडवेज बसों में 262 प्रवासी मजदूरों को यूपी के बुलंदशहर रवाना किया गया। इन बसों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे सवार थे।
सरकार के आदेशानुसार बस स्टैंड से बुलंदशहर और रोहतक रेलवे स्टेशन के लिए रोडवेज बसें भेजी गईं। एक बस में 40 यात्रियों को सवार किया गया। इस कारण सामुदायिक दूरी कम थी। रोडवेज अधिकारियों का तर्क था कि इन बसों में महिलाएं और बच्चे थे, जिन्हें अलग-अलग बसों में नहीं बैठाया गया था। सभी को बस में सवार करने से पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज की व्यवस्था की गई थी। बुलंद शहर जाने वाली दो रोडवेज बसों में 40-40 और एक बस में 45 यात्री सवार थे। बस स्टैंड पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले अन्य मजदूर भी पहुंच गए, जिनका लिस्ट में नाम नहीं था, उन्हें औद्योगिक पुलिस थाना की टीम ने बस स्टैंड परिसर से बाहर खदेड़ दिया। बसों की रवानगी के समय एसडीएम महेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल, रोडवेज डिपो महाप्रबंधक गुलाब सिंह दूहन, जिला यातायात प्रबंधक भरत सिंह परमार अन्य अधिकारी मौजूद थे।
रोहतक रेलवे स्टेशन के लिए 18 रोडवेज बसें भेजी थी, जिसमें तीन रोडवेज बसों में मुसाफिरों को वापस भेजा गया है, जिन्हें गुजरानी मोड़ आश्रम में छोड़ा गया है। वहीं बुलंदशहर के लिए भी सात रोडवेज बसें प्रवासी मजदूरों को लेकर गई हैं। सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइज किया गया है। - गुलाब सिंह दूहन, डिपो महाप्रबंधक भिवानी।
रोडवेज बस में बैठे मजदूर।- फोटो : Bhiwani