तोशाम (भिवानी)। गांव ढाणीमाहू में कथित मानवाधिकार उल्लंघन और आपराधिक गतिविधियों की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक भिवानी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह संज्ञान आयोग की सदस्य प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत लिया है।
आयोग को दी गई शिकायत में गांव के एक परिवार और उसके सहयोगियों पर कथित गोहत्या, हिंदू लड़कियों की तस्करी, अवैध जुआ और अवैध रूप से धन उधार देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर राष्ट्रविरोधी तत्वों से आर्थिक लेनदेन और गांव को ‘श्मशान घाट’ बना देने की धमकी देने का भी दावा किया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने हाल ही में राजस्थान से एक हिंदू लड़की को ले जाने की कोशिश की थी, जिससे राष्ट्रीय और जन सुरक्षा पर खतरे की आशंका जताई गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना के संबंध में तोशाम थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठते हैं। शिकायत में आयोग से आरोपियों के वित्त पोषण के स्रोतों की जांच, पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्देश दिए हैं कि पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से जांच की निगरानी करें और 15 दिन के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।