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40 साल पुरानी सीवर लाइन में लीकेज से दरका नेशनल हाईवे, 40 हजार लोग होंगे प्रभावित

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भिवानी। शहर में मुख्य सड़कों के नीचे करीब 20 फुट की गहराई में मेन सीवर लाइन अब दरकने लगी है। जिस कारण सड़क धंसने लगी है। धंसी सड़क पर अब वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा है और हादसे हो रहे है। यह हाल है। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई के दादरी गेट न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सामने का। जहां मुख्य सड़क में गहरा गड्ढा बन गया है। धुंध की वजह से यहां हादसे होने लगे तो नेशनल हाईवे अथॉरिटी कर्मचारियों ने उसे मिट्टी से पाट दिया, मगर मेन सीवर लाइन लीकेज का कुछ पता नहीं चला।
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हाईवे के नीचे काफी गहराई में सीवर लाइन की लीकेज बताई जा रही है। अगर इसे ठीक करना पड़ा तो हाईवे की सड़क को भी तोड़ना पड़ेगा। वहीं मेन सीवर लाइन धंसने की वजह से बावड़ी गेट और दादरी गेट क्षेत्र की करीब 15 कॉलोनियों में करीब 40 हजार की आबादी पर इसका बुरा असर पड़ेगा, क्योंकि इन कॉलोनियों का गंदा पानी इसी मुख्य सीवर लाइन से डिस्पोजल तक पहुंचता है।
भिवानी के सर्कुलर सड़क के नीचे करीब 20 फुट की गहराई में करीब 40 साल पहले मेन सीवर लाइन डाली गई थी। अब इस सड़क पर दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई बन चुका है। जिस पर रोजाना ही करीब पांच हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। सड़क के ठीक नीचे मेन सीवर लाइन धंसने की वजह से सड़क में भी गहरा गड्ढा बन गया। जिसकी गहराई झांकने से ही डरावनी लग रही है। ऐसे में नेशनल हाईवे ने इस गड्ढे को मलबे से भर दिया, फिर भी सड़क धंसने का सिलसिला नहीं रुका। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया मगर अधिकारी-कर्मचारी अभी तक मेन सीवर लाइन की लीकेज का पता नहीं लगा पाए है। जहां पर सड़क धंसी ठीक उसी के सामने हाउसिंग बोर्ड की रिहायशी कॉलोनी भी है, जिसमें रहने वाले करीब 250 घरों के लोगों का आवागमन भी उसी रास्ते से है।
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धुंध में लापरवाही पड़ सकती है भारी
नेशनल हाईवे सड़क दरकने की वजह भले ही सीवर लाइन हैं, मगर इस पर समय रहते संज्ञान नहीं लेने की लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। क्योंकि शहर के अंदर के इस हाईवे पर वाहनों का सबसे अधिक आवागमन होता है। ऐसे में कोई भी बड़ा वाहन यहां धंस सकता है या फिर उसके दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना अधिक बनी है।
देवसर चुंगी के मेन डिस्पोजल तक जाती है मुख्य सीवर लाइन
दादरी गेट और बावड़ी गेट क्षेत्र की कमला नगर, प्रणामी नगर, आंबेडकर कॉलोनी, ढाणा रोड, कोंट रोड सहित आसपास की करीब 15 से अधिक कॉलोनियों के अंदर गंदे पानी की निकासी इसी मुख्य सीवर लाइन के जरिए देवसर चुंगी के मेन डिस्पोजल तक होती है। हाल में ही यहां कुछ हिस्से में नई सीवर लाइन भी डाली गई थी। नई लाइन लीकेज की संभावना कम हैं, बल्कि यहां चार दशक पुरानी सीवर लाइन धंसने का अंदेशा है। इसी तरह सरकुलर रोड के नीचे घंटाघर नागरिक अस्पताल, दिनोद गेट, जोगीवाला मंदिर के समीप पेट्रोल पंप के सामने भी मुख्य सड़क सीवरलाइन लीकेज की वजह से कई बार धंस चुकी है।
वर्जन
मेन सीवर लाइन धंसने की वजह से हाईवे की सड़क का काफी हिस्सा भी दरक गया है। जिसमें काफी गहरा गड्ढा बन गया। कोई हादसा न हो इसके लिए हमने उस गड्ढे को भरवा दिया हैं। फिर भी सड़क धंस रही है। इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की गई है। जिसके बाद सड़क धंसने के कारणों का पता लगाया जाएगा।
- नारायण, जेई, दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई, रोहतक मंडल।
वर्जन
मेरे संज्ञान में सड़क धंसने का मामला आया है। सोमवार को मेन सीवर लाइन की जांच कराई जाएगी। यहां करीब 40 साल पुरानी सीवर लाइन है। यहां आसपास पानी के कनेक्शनों की भी जांच होगी, जिसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा और समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
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- महेंद्र स्वामी, जेई पब्लिक हेल्थ, शहरी सीवरेज शाखा।
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