भिवानी। शहर के जिला नागरिक अस्पताल में सर्दी के चलते नजला के मरीजों में इजाफा हो रहा है। अस्पताल में स्थित नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 70 मरीज आ रहे हैं। इसमें से ज्यादातर मरीज नजला के रोग से ग्रस्त हैं।
लोगों की नाक से पानी बहना के साथ ही सिर में तेज दर्द होने की समस्या बन रही हैं। इस कारण नजला के मरीजों को परेशानी हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत ईएनटी विशेषज्ञ की मानें तो सर्द में मरीजों में नजला की समस्या आ जाती है। नजला से ग्रस्त मरीजों में नाक का बंद होना, छींक आना, आंखों से पानी आना, गले में दर्द के साथ नाक का लाल होना जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं।
चिकित्सक ने बताया कि जुकाम, खांसी, सर्दी लगना व सिर दर्द होना हर उम्र के लोगों में देखी जा रही है। लेकिन जुकाम व पुराना नजला ऐसी समस्या है जो धूल मिट्टी के कणों से, मौसम में बदलाव से बन जाती है। इसका इलाज संभव है। दवा लेकर इसे ठीक किया जा सकता है। वहीं चिकित्सकों ने भी नजला के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नजला के लक्षण
-छींक आना।
-नाक से पानी बहना।
-गले में दर्द।
-आंखों से पानी बहना।
-सिर दर्द।
-नाक का बंद होना।
-नाक का लाल होना।
नजला बनने के कारण
-सर्दी से एलर्जी।
-धूल मिट्टी से एलर्जी।
-नाक में संक्रमण होने से।
-मौसम में बदलाव से।
नजला से कैसे करें बचाव
-तेल युक्त खाद्य सामग्री के सेवन से परहेज करें।
-सर्दी से बचाव करें।
-सर्दी में सिर व शरीर को गर्म कपड़े से ढंक कर रखें।
-एलर्जी करने वाले खाद्य सामग्री खाने से बचें।
-नाक, कान व गला में संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श करें।
धूल मिट्टी के कणों में जाने से बचें।
सर्दी में नजला के मरीज आ रहे हैं। ऐसे मरीजों में नाक से पानी आना, सिर दर्द व छींक आना जैसे लक्षण ज्यादा मिल रहे हैं। लेकिन दवा लेने के बाद व सावधानी बरतने से नजला को ठीक किया जा सकता है।
- डॉ. शुभम महता, ईएनटी रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।