लडकी को घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकालते परिजन
तोशाम। अब बेटों की तरह बेटियों का भी बनवारा निकालने की परंपरा बढ़ने लगी है। गांव थिलोड़ निवासी किसान पृथ्वी सिंह व सतपाल सिंह ने घोड़ी पर बैठाकर अपनी दोहती दीक्षा का बनवारा निकाला। दीक्षा की शादी सिवानी के साथ लगते गांव बुद्धशैली के किसान रामेश्वर के बेटे कर्मबीर के साथ चार फरवरी को होनी है। सतपाल के मुताबिक वह बेटे व बेटी में कोई फर्क नहीं समझते। उनका कहना है कि दीक्षा एमएससी की छात्रा है।
बेटी को बेटे की तरह ही पूरी शिक्षा और अच्छी परवरिश दी है। इसके चलते उन्होंने विवाह में भी बेटे की तरह ही बेटी को घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकालने का फैसला किया। उनका कहना था कि दोहती का बनवारा निकालकर उन्होंने समाज को संदेश दिया है कि सभी लोग बेटे और बेटी में कोई फर्क न करें। बेटियों का भी बेटों की तरह सम्मान होना चाहिए। गांव में पहली बार लड़की का बनवारा घोड़ी पर निकाला गया है। बनवारा पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। दीक्षा ने बताया कि उनके नाना-नानी ने माता-पिता की तरह ही उसकी परवरिश की है। वह हिसार के राजकीय महाविद्यालय से एमएससी मनोविज्ञान की पढ़ाई कर रही हैं।