भिवानी। भीम स्टेडियम में आज से शुरू होने वाली पांच दिवसीय 69वीं राष्ट्रस्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए मंगलवार को देर शाम तक खिलाड़ियों का पंजीकरण अंधेरे में ही चलता रहा। स्टेडियम में लंबे समय से बनी हुई बिजली की समस्या एक बार फिर सामने आ गई। प्रशिक्षक और खिलाड़ी मोबाइल फोन की रोशनी में नाम खोजते दिखाई दिए जबकि कर्मचारी अंधेरे में ही पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करते रहे। इतने बड़े स्तर की प्रतियोगिता में अव्यवस्थाओं ने बेहतर खेल सुविधाओं के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंगलवार रात संवाद न्यूज एजेंसी के संवाददाता ने भीम स्टेडियम का निरीक्षण किया। सुबह से ही देशभर से आए खिलाड़ी स्टेडियम पहुंचने लगे जिन्हें बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन से लाने के लिए निजी स्कूल बसों का इंतजाम किया गया था। इन बसों के माध्यम से खिलाड़ियों को बास्केटबाल मैदान में पंजीकरण स्थल तक छोड़ा जा रहा था। यहां पीने के पानी के लिए कैंपर तो लगाए गए थे लेकिन खिलाड़ियों के बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था नहीं थी। पंजीकरण के बिना खिलाड़ियों को न ठहराव की अनुमति दी जा रही थी और न ही खाने का टोकन जिसके कारण कई खिलाड़ी देर रात तक खाने का इंतजार करते रहे।
स्टेडियम में स्थायी बिजली व्यवस्था नहीं मिली। एक स्थान पर अस्थायी लाइट लगाई गई थी लेकिन वह सभी काउंटरों तक नहीं पहुंची। भीड़ लगातार रात तक बनी रही और कई खिलाड़ी पंजीकरण के इंतजार में जमीन पर बैठने को मजबूर हो गए।
ये रहेगा खिलाड़ियों के लिए खाने का शेड्यूल
नाश्ता: दो उबले अंडे, दूध, चाय, कॉर्न फ्लैक्स, ब्रेड-जेम्स, दो केले, एक सेब, इडली-सांभर
लंच: चावल, रोटी, सलाद, रायता, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, मिक्स वेज, दाल, आलू गोभी, छाले, आलू गाजर, बथुआ, आलू मेथी की सब्जी
डिनर: चावल, रोटी, मटर पनीर और हरा साग की सब्जी, मूंग हलवा, गाजर हलवा, खीर, दूध-जलेबी, चने की दाल
खिलाड़ियों को मिलेगा अमूल दूध
खिलाड़ियों के लिए बनने वाली सभी खाद्य सामग्री वीटा व अमूल घी और सरसों के तेल में तैयार होगी। वहीं पीने के लिए अमूल का दूध दिया जाएगा। प्रतिदिन खाने की सूची अलग-अलग रहेगी। लेकिन 25 नवंबर को नाश्ता और लंच का प्रबंध नहीं किया गया।
खाने के लिए दिन में तीन बार करना पड़ेगा पांच किलोमीटर का सफर
देशभर से आई लड़कियों के रहने की व्यवस्था शहर के राधा स्वामी आश्रम में की गई है। अब तक 450 खिलाड़ी यहां पहुंच चुकी हैं जबकि 753 खिलाड़ियों के आने की संभावना है। संवाददाता ने आश्रम में जाकर व्यवस्था का जायजा लिया। आश्रम में लड़कियों के ठहरने के लिए 100 कमरे तैयार किए गए हैं। एक कमरे में नौ लड़कियां ठहराई जा रही हैं। गद्दे और गर्म कंबल उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा और देखरेख के लिए सात प्रिंसिपलों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन आश्रम में खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। लड़कियों का भोजन पांच किलोमीटर दूर सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में तैयार किया जा रहा है। अध्यापकों ने बताया कि खाने के लिए लड़कियों को दिन में तीन बार बसों से वहां ले जाया और वापस लाया जाएगा। इस व्यवस्था के चलते खिलाड़ियों को रोजाना काफी समय सफर में बिताना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नहीं दिखा कोई प्रबंध
स्टेडियम और आश्रम दोनों जगह चिकित्सा संबंधी सुविधाएं नहीं मिलीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक भी एंबुलेंस तैनात नहीं थी। अगर रात के समय किसी खिलाड़ी को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता होती तो सुरक्षा में तैनात अध्यापकों को ही उसे अस्पताल तक ले जाना पड़ेगा। आयोजकों की ओर से कोई भी मेडिकल सुविधा नजर नहीं आई।
पंजीकरण का समय रात्रि 12 बजे तक का ऑन रिकॉर्ड है। रात्रि के समय पंजीकरण के लिए अलग से मर्करी लाइट का प्रबंध किया गया है। कुछ राज्यों की टीमें लेट तक पहुंची इस कारण देर रात्रि तक पंजीकरण चला। खिलाड़ियों को खाने तक ले जाने के लिए बसों का प्रबंध किया गया है। एंबुलेंस की सुविधा के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बातचीत हो गई है। फिलहाल एंबुलेंस खेल परिसर में मौजूद है। हमारी तरफ से खिलाड़ियों के लिए पूरे प्रबंध किए गए हैं। खिलाड़ियों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। - निर्मल दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी