सीबीएलयू में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते नागालैंड के कलाकार।
भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में नागालैंड के डिवाइन कनेक्शन रॉक बैंड ने पारंपरिक लोकधुनों और आधुनिक रॉक संगीत के फ्यूजन से मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी के दिशा-निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्तर-पूर्वी लोक-संगीत की प्रस्तुति का आनंद लिया।
विश्वविद्यालय और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में नागालैंड वाद्य वृंद के तहत ओबेद काठ के डिवाइन कनेक्शन रॉक बैंड ने प्रस्तुति दी। बैंड ने पारंपरिक लोकधुनों को आधुनिक रॉक संगीत के साथ पिरोकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान का संदेश दिया। कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा भी उपस्थित रहीं।
डिवाइन कनेक्शन अपने गीतों के माध्यम से नशे, शराब और हिंसा से दूर रहकर सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश देने के लिए जाना जाता है। कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने कहा कि भारत की संस्कृति विश्व में अनूठी है और विविधता में एकता के कारण देश की वैश्विक पहचान है। संस्कृति हमारी असली धरोहर है, जिस पर हमें गर्व होना चाहिए। इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार में सभी को योगदान देना चाहिए।
सांस्कृतिक गतिविधियों से बढ़ता है आत्मविश्वास
डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सुरेश मलिक ने अतिथियों और प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी से विद्यार्थियों के संचार कौशल का विकास होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम में हरियाणा कला परिषद के स्टेट कोऑर्डिनेटर रविंद्र श्योराण, एनसीजेडसीसी प्रयागराज के कोऑर्डिनेटर मंथन, पूर्व प्राचार्य डॉ. शमशेर अहलावत और पूर्व प्राचार्य डॉ. सत्यवीर सिंह मौजूद रहे।