हरियाणा शेखावाटी ब्रह्मचर्य आश्रम संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित संस्कृत सम्भाषण शिविर में उपस्
भिवानी। हरियाणा संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. दिनेश शास्त्री ने कहा कि संस्कृत पढ़ने वाले छात्र रोजगार से वंचित न रहें, इसके लिए संस्कृत अकादमी विशेष योजना क्रियांवित करने जा रही है। संस्कृत विद्वानों को विदेशों में भेजने का कार्य किया जाएगा। इससे न केवल वे रोजगार लाभ प्राप्त कर सकेंगे, वहीं विदेशों में संस्कृत की विजय पताका को फहराने का कार्य करेंगे।
वे सोमवार को हरियाणा शेखावाटी ब्रह्मचर्य आश्रम संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित संस्कृत सम्भाषण शिविर के समापन पर संस्कृत छात्रों को संबोधित कर रहे थे। साहित्याचार्य सुनील शास्त्री के संयोजन में 21 दिन तक चले इस शिविर में 100 से अधिक छात्रों ने संस्कृत सम्भाषण की शिक्षा ग्रहण की। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के संयुक्त सचिव डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि भारत की संस्कृति संस्कृत में ही समाहित है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड आगामी सत्र से हिंदी, अंग्रेजी के साथ संस्कृत को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने जा रहा है। शिविर संयोजक सुनील शास्त्री ने कहा कि संस्कृत सरल और सरस भाषा है। विशिष्ट अतिथि डॉ. मुरलीधर शास्त्री ने कहा कि संस्कृत हमारे देश की प्राचीनतम भाषा है। इस अवसर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नरेश मेहता, खंड शिक्षा अधिकारी अनिल गौड़, प्राचार्या सुमन शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, श्रीभगवान वशिष्ठ, प्रो. सुरेंद्र कुमार, जयपाल शास्त्री, आचार्य हिमांशुधर, जितेंद्र शास्त्री, सुनील शास्त्री उपस्थित रहे।