भिवानी। सरकार की ओर से सरपंच, जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, पंचायत समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। मगर सरपंचों ने इसका बहिष्कार कर दिया। सोमवार को सरपंचों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में न जाकर जिले के सभी खंड विकास एवं पंचायती राज अधिकारी कार्यालयों के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध जताया।
भिवानी खंड के सरपंचों ने सुबह नौ बजे से कार्यालय पर तालेबंदी कर दी थी, जिसके कारण अधिकारियों व कर्मचारियों को करीब दो घंटे तक प्रवेश नहीं करने दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सरपंचों को शांत करवाया जिसके बाद अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्यालय में पहुंची। वहीं सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय के बाहर ही धरना शुरू कर दिया।
भिवानी सरपंच एसोसिएशन के प्रधान एवं गांव कालुवास के सरपंच आशीष बेनीवाल ने बताया कि सरकार मनमानी करते हुए सरपंचों का शोषण करने में उतारू हो गई है। मगर सरपंच सरकार के दबाव में नहीं आएंगे और अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक जिले के सभी बीडीपीओ कार्यालय के सामने धरना जारी रहेगा। सोमवार को सरपंचों के धरने को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान, विधायक रावदान सिंह, पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी, संदीप तंवर तिगड़ाना, पूर्व विधायक डॉ. शिवशंकर भारद्वाज, जिला पार्षद प्रतिनिधि मोनू देवसर, अभिजीत लाल सिंह ने समर्थन दिया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने सरपंचों की आवाज को विधानसभा में भी उठाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सरपंच राजेश प्रेमनगर, सरपंच नीटू खरक, विजय नाथूवास, नरेश मिताथल, इंद्र फौजी नौरंगाबाद, रणबीर पालुवास आदि उपस्थित रहे।
सरपंचों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी
तोशाम। सरकार की ई-टेंडरिंग प्रणाली के खिलाफ सरपंचों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। सरपंचों ने तोशाम बीडीपीओ कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दे रखा है। विकास कार्यों को लेकर ई-टेंडरिंग के खिलाफ तोशाम ब्लॉक के सरपंचों ने 16 जनवरी को बीडीपीओ कार्यालय पर ताला जड़कर धरना शुरू कर दिया था। सरपंचों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांग को स्वीकार नहीं करती, तब तक बीडीपीओ कार्यालय पर धरना जारी रहेगा।
बवानीखेड़ा में भी जारी रहा धरना
बवानीखेड़ा। ई टेंडरिंग नीति के विरोध में सोमवार को भी खंड के सरपंचों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। सोमवार को जिले के सरपंचों का प्रशिक्षण कार्यक्रम था। खंड के सरपंच एसोसिएशन ने प्रशिक्षण में भाग नहीं लिया और खंड कार्यालय के सामने बैठकर सरकार के फैसले का विरोध कर नारेबाजी की। इस अवसर पर सतीश बड़सी जाटान, सुरेश किरावड, राजकुमार, भूप सिंह, विनोद, अजय, बिजेंद्र, सुरेश, सुनील उपस्थित रहे।