भिवानी। अब प्रॉपर्टी टैक्स के लिए न तो लाइन में लगना होगा और न ही नगर परिषद के चक्कर लगाने पड़ेगा। घर बैठे ही एक क्लिक से टैक्स की जानकारी मिलेगी और ऑन लाइन ही पेमेंट की जा सकेगी। शहरी निकाय निदेशालय इस नई ऑन लाइन सर्विस को शुरू करने की तैयारियों में जुटा है। 25 दिसंबर से नगर निगम में इसकी शुरूआत हो रही है मगर भिवानी नगर परिषद भी इसे शुरू करने की तैयारियों में जुटा है। नगर निगम में लागू होने के बाद इसे भिवानी नगर परिषद में शुरू करने की योजना है। इससे न केवल टैक्स भरने में पारदर्शिता आएगी वहीं लोगों को चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और पेमेंट, बिल की कॉपी भी डाउनलोड कर ली जा सकेगी।
फिलहाल तक नगर परिषद की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भेजे जाते है और लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए नगर परिषद आना पड़ता है। कार्य की व्यस्तता और अन्य कार्य के चलते अधिकतर लोग प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरते। यहीं कारण है कि अनेक कमर्शियल भवनों पर तो लाखों रुपये का टैक्स बकाया है। नगर परिषद के करीब चार करोड़ तक रुपये प्रॉपर्टी टैक्स में फंसे है। अब लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए प्रेरित करने और उन्हें बेहतर सुविधा देने के लिए ऑन लाइन सर्विस शुरू की जा रही है।
20 प्रतिशत तक की ही हो रही रिकवरी
नगर परिषद फिलहाल तो टैक्स रिकवरी में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। विशेष छूट के बावजूद करीब 20 से 30 फीसदी लोगों ने ही टैक्स भरा। अगर छूट और सार्वजनिक तौर पर खुले दरबार को छोड़ दिया जाए तो नप के पास 20 प्रतिशत भी टैक्स रिकवरी नहीं हो रही। शहर में वर्ष 2012-13 में हुए सर्वे के अनुसार शहर में 60 हजार से अधिक मकान और 12 हजार से अधिक दुकानें है। इनके अलावा करीब एक हजार अन्य संस्थान जिनमें होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हाल, मैरिज पैलेस, प्राइवेट अस्पताल आदि है।
कैसे होगा काम, अभी नहीं है जानकारी
ऑन लाइन सर्विस का साफ्टवेयर अभी जिला मुख्यालय पर नहीं पहुंचा है। ऐसे में कैसे यह सिस्टम काम करेगा, कैसे ऑन लाइन बिल देखे जा सकेंगे, किस तरह पेमेंट करनी है। ये तमाम सवाल लोगों के मन में उठ रहे है। नप कर्मचारियों को भी जानकारी नहीं है। सभी का कहना है कि साफ्टवेयर आने के बाद ही सारा सिस्टम कैसे काम करेगा, पता लगेगा।
वर्जन:::
शहरी निकाय निदेशालय फिलहाल नगर निगमों में प्रॉपर्टी टैक्स भरवाने के लिए ऑन लाइन सर्विस शुरू कर रहा है। हमने भी रिकार्ड ऑन लाइन करवाया है। जल्द ही सारा सिस्टम ऑन लाइन होगा। इसके बाद डायरेक्टर से बात कर नगर परिषद में भी ऑन लाइन टैक्स कलेक्शन की सुविधा शुरू करने की योजना है।
हरदीप सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद