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टैक्सी चालक की लूट के बाद हत्या के पांच आरोपी काबू

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पुलिस द्वारा पकड़े गए हत्यारोपी। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। पालुवास के टैक्सी ड्राइवर प्रदीप की हत्या के पांच आरोपियों को सीआईए पुलिस ने काबू कर लिया है। सोशल मीडिया पर गैंगस्टर के तौर तरीके देखकर भिवानी में दहशत फैलाने के मकसद से महज 22 से 25 साल के युवाओं ने खुद का गैंग बनाकर टैक्सी चालक को गोली मारकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। सोशल मीडिया के माध्यम से ही एक-दूसरे से इन बदमाशों ने संपर्क किया था। फिर अपना गैंग बनाकर टैक्सी चालक को गोली मारकर लूट की वारदात की। मामले में सीआईए टीम को आठ दिन बाद सफलता मिली।
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यूं किया वारदात का खुलासा
पुलिस की गिरफ्त में आए गिरोह के मुख्य सरगना गांव कोहाड़ निवासी रामबिलास उर्फ सीटू ने बताया कि वे भिवानी में बड़ी आपराधिक वारदात करना चाहते थे। उसके लिए गाड़ी चाहिए थी। 20 जनवरी को एमसी कॉलोनी मोड़ के टैक्सी स्टैंड से पालुवास निवासी प्रदीप की स्कोडा गाड़ी किराये पर ले गए थे। रामबिलास ने अपने साथी पवन व तीन अन्य के साथ गांव कोहाड़ नहर के समीप कच्चे रास्ते पर सुनसान जगह पर चालक प्रदीप से उसकी गाड़ी छीन ली। इस दौरान प्रदीप ने विरोध किया तो उसके सिर में देसी कट्टे से गोली मार दी। प्रदीप को बेसुध हालत में नहर के किनारे फेंक दिया और फिर गाड़ी लेकर कोहाड़ से लोहानी की तरफ भागने लगे, लेकिन रास्ते में पेट्रोल की नली में कचरा आने से गाड़ी बीच रास्ते में ही बंद हो गई। इसके बाद वे गांव गोलागढ़ के पास गाड़ी छोड़कर बस में सवार होकर लोहारू के रास्ते जयपुर भाग गए थे। वहीं गोली लगने से घायल प्रदीप ने अस्पताल में इलाज के दौरान दो दिन बाद दम तोड़ दिया था। इस पर पुलिस ने मामले में बदमाशों के खिलाफ हत्या की धारा जोड़ दी थी।
सोशल मीडिया पर एक-दूसरे से जुड़े आरोपी, फिर की वारदात
अवैध पिस्तौल के साथ सीआईए की टीम ने कोहाड़ निवासी रामबिलास उर्फ सीटू को अवैध हथियार के साथ काबू किया। पुलिस ने रामबिलास से एक देसी कट्टा व तीन कारतूस बरामद किए। इसके बाद पूछताछ में खुलासा हुआ कि रामबिलास दसवीं पास है। फिलहाल बेरोजगार है। उसने अपनी ही उम्र के युवाओं को सोशल मीडिया के जरिये एक-दूसरे से जोड़ा और फिर बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। इसके लिए सबसे पहले टैक्सी किराये पर लेकर लूट की वारदात को अंजाम दिया, लेकिन गिरोह आगे कोई अन्य वारदात को अंजाम दे पाता, इससे पहले पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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सरगना रामबिलास पर दिल्ली, भिवानी, जींद, सोनीपत में दर्ज हैं 17 केस
गिरोह के सरगना रामबिलास पर दिल्ली, भिवानी, जींद, सोनीपत में वाहन चोरी के भी कई केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ चोरी, लूट-डकैती, हत्या व फिरौती मांगने के 17 केस दर्ज हैं। दो आपराधिक मामलों में तो रामबिलास जेल से पैरोल पर बाहर आया था, जिसके बाद उसने गिरोह बनाने के लिए गुर्गों को जोड़ा और फिर वारदात को अंजाम दिया। रामबिलास पर सदर थाने में पांच केस दर्ज हैं। इसी तरह दिल्ली के तिलक नगर थाने में वाहन चोरी के तीन केस, सिटी पुलिस थाने में वाहन चोरी व अन्य तीन केस हैं। रोहतक में लूट की वारदात का एक केस दर्ज है। जींद में उसके खिलाफ हत्या, लूट-डकैती के भी दो मामले दर्ज हैं। सोनीपत में आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है।
ये बदमाश हुए गिरफ्तार
सीआईए की टीम ने गिरोह के सरगना रामबिलास उर्फ सीटू सहित उसके साथी 26 वर्षीय पवन वासी फतेहपुर कैथल, कृष्ण उर्फ बाबा वासी भावड़, साहिल बरोदा सोनीपत, सुरेंद्र उर्फ ढिल्ला वासी भावड़ सोनीपत को काबू किया है। इसमें पवन के खिलाफ दुष्कर्म का केस भी गोहाना थाने में दर्ज है।
तीन बदमाशों की अभी तलाश
वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह में आठ लोग शामिल थे। इनमें से पुलिस ने पांच को गिरफ्तार कर लिया है। तीन अभी बाकी हैं। बाकी तीन बदमाशों में दो तो ऐसे हैं, जो वारदात के समय गाड़ी में मौजूद थे। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
वर्जन
गांव पालुवास निवासी टैक्सी चालक प्रदीप की हत्या और लूट की वारदात में पांच आरोपियों को काबू किया गया है। इनमें गिरोह का सरगना रामबिलास है, जिसने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। अभी इस मामले में तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। मुख्य आरोपी ने भिवानी में दहशत फैलाने के मकसद से वारदात को अंजाम दिया था।
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- वीरेंद्र सिंह डीएसपी हेडक्वार्टर भिवानी
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