भिवानी। जिला प्रशासन की चेतावनी के बावजूद कितलाना टोल प्लाजा पर किसान डटे रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि जिला प्रशासन उन पर अनावश्यक दबाव न बनाए। हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण चल रहा है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से किसानों को बातचीत के लिए भी बुलाया गया, जिसमें बात नहीं बनी और किसानों ने धरना हटाने से इनकार कर दिया। वहीं जिला प्रशासन भी अलर्ट रहा। पुलिस सब जगह मुस्तैद रही। वीरवार को भी कितलाना टोल प्लाजा टोल फ्री रहा।
कितलाना टोल पर चल रहे अनिश्चित कालीन धरने पर किसान नेताओं ने सरकार और स्थानीय प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि वो किसान आंदोलन पर अनावश्यक दबाव बनाने से बाज आए। हमारा आंदोलन दो महीने से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, जिसमें 200 से ज्यादा किसान अपनी शहादत दे चुके हैं।
वक्ताओं ने कहा कि किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारियों समेत हर वर्ग ये जान गया है कि तीनों कृषि कानूनों की हर तबके पर बड़ी मार पड़ने वाली है। यही वजह है कि सबके जुड़ाव से ये जनांदोलन बन गया है। अगर सरकार और प्रशासन ने जबरदस्ती आंदोलन को षडयंत्र, लाठी, डंडे और गोली के दम पर दबाने की कुचेष्टा की तो आंदोलन ओर तेज कर दिया जाएगा। जिसकी नैतिक जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
टोल पर चल रहे धरने के 35वें दिन नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, गंगाराम श्योराण, रणधीर कुंगड़, राकेश आर्य, राज सिंह घनघस, सुभाष यादव, रत्तन जिंदल ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के निर्देश पर महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर 30 जनवरी को एक दिन का उपवास रखा जाएगा। किसान आंदोलन हर सूरत में जारी रहेगा और संयुक्त किसान मोर्चा जो भी कार्यक्रम जारी करेगा उसका कड़ाई से पालन किया जाएगा। किसानों ने टोल फ्री रखा। मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश और रणधीर घिकाड़ा ने किया।
मुंढाल से पूर्व विधायक बलबीर ग्रेवाल भी धरने का समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता की बेकद्री सरकार को महंगी पड़ेगी। बच्चियों प्राची और तनिका ने कृष्ण-राधा के वेश में डांस किया। इस मौके पर सुरजभान सांगवान, राजू मान, कमल प्रधान, दलीप सिंह सांगवान, जितेंद्रनाथ, सुरेंद्र कुब्जानगर, धर्मपाल महराणा, सत्यवान बलियाली, बलजीत फौगाट, दिलबाग ग्रेवाल, बलबीर बजाड़, नरदेव अटेला, सरोज श्योराण, संतोष देशवाल, बीरमति, कमलेश भैरवी, कृष्णा सांगवान, मूर्ति देवी, निर्मला देवी, लखपति, निम्बो, सुलोचना, दिलबाग ढुल, जीतू चरखी, रत्तन सिंह, राम सिंह वर्मा, अरविंद भारद्वाज आदि मौजूद थे।
बातचीत में नहीं बनी बात
जिला प्रशासन की ओर से किसानों को बातचीत के लिए बुलाया गया। धरने से नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, राकेश आर्य, गंगाराम श्योराण, कामरेड ओमप्रकाश सचिवालय में उपायुक्त से मिलने पहुंचे। करीब 40 मिनट तक बैठक चली। प्रशासन की ओर से धरना खत्म कर टोल प्लाजा खाली परिसर खाली करने को कहा। अध्यक्ष मंडल के एक सुर में जवाब देते हुए कहा कि हमारा धरना पिछले 34वें दिन से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, जो संयुक्त किसान मोर्चा के आगामी आदेशों तक जारी रहेगा और टोल फ्री रहेगा। किसी को भी अनुशासन तोड़ने की अनुमति नहीं होगी।