भिवानी। कृष्णा कॉलोनी से दिनोद मार्ग पर बने रेलवे फाटक संख्या सी-52 को अब पूरी तरह से बंद कर दिया है। रेलवे ने लोहे के एंगल लगाकर दोपहिया वाहनों के लिए भी रास्ते को अब बंद कर दिया है। इसकी वजह से दिनोद रोड लाइन पार क्षेत्र की करीब आठ से अधिक बड़ी कॉलोनियों के लोगों को करीब चार किलोमीटर तक की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
पिछले साढ़े तीन साल से दिनोद रोड जीतुवाला फाटक 52-सी पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का काम चल रहा है। यहां पर दोपहिया वाहनों के लिए थोड़ा सा रास्ता खुला था। इससे कृष्णा कॉलोनी से दिनोद रोड की कॉलोनी के लोग आवागमन करते थे लेकिन बुधवार को डीआरएम के दौरे से पहले ही रेलवे अधिकारियों ने यहां लोहे के एंगल लगवाकर इस रास्ते को पूरी तरह से बंद करा दिया।
दिनोद रोड पर दुर्गा कॉलोनी और शास्त्रीनगर सहित करीब आठ बड़ी कॉलोनियों में करीब 60,000 लोगों की आबादी है। फाटक को पूरी तरह से बंद करने पर अब दिनोद रोड कॉलोनी के लोगों को तोशाम रोड रेलवे ओवरब्रिज या फिर देवसर चुंगी होकर अनाज मंडी या फिर तोशाम बाईपास के रास्ते ही आना पड़ता है।
इस लिहाज से करीब तीन से पांच किलोमीटर दूरी अधिक तय करनी पड़ती है, जबकि कृष्णा कॉलोनी छोर पर बने फाटक से शहर से दिनोद रोड की कॉलोनियों में जाने के लिए मात्र 600 मीटर दूरी ही तय करनी पड़ती है। इसी वजह से लोक निर्माण विभाग यहां शहर का सबसे छोटा रेलवे ओवरब्रिज बना रहा है लेकिन रेलवे पुल का काम धीमा चल रहा है। इसकी वजह जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की सीवर लाइन शिफ्ट न होना माना जा रहा है।
जीतुवाला रेल अंडरपास महापंचायत पदाधिकारी लाला पहलवान, रोहताश शर्मा ने बताया कि पिछले काफी अर्से से पुल का काम धीमा चल रहा है। इस काम को जल्द पूरा कराने के लिए महापंचायत बेमियादी धरना तक दे चुकी है लेकिन अब फाटक पूरी तरह से बंद होने की वजह से लाइन पार क्षेत्र मुख्य शहर से कट गया है। रोजमर्रा की चीजों के लिए भी लोगों को तीन से चार किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है जबकि फाटक पार करने पर शहर मात्र 600 मीटर दूर है। पुल तैयार होने तक रेलवे फाटक को बंद न कराए। इसे दोपहिया वाहनों के लिए खोला जाए।