भिवानी। जिलेभर मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं और सरसों भीग गया। भिवानी की चारामंडी में करीब एक लाख क्विंटल सरसों बारिश में भीग गई। वहीं धनाना की खुली मंडी में गेहूं के दो लाख कट्टे बारिश की भेंट चढ़ गए। इसी तरह अन्य मंडियों में भी बारिश से किसानों का भीगा गेहूं अब सुखाया जा रहा है।
जिलेभर में करीब ढाई लाख क्विंटल से अधिक गेहूं बारिश में भीग चुका है। वहीं बारिश में भीग चुके कट्टों की दोबारा भराई कराए जाने के भी निर्देश अधिकारियों ने दिए हैं।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एवं सरकारी खरीद के नोडल अधिकारी अनिल कालरा ने धनाना मंडी का दौरा कर बारिश में भीगे गेहूं का जायजा लिया। इसके बाद डीएफएसई चांग मंडी में भी पहुंचे। इस दौरान बारिश से प्रभावित गेहूं को सुखाने के निर्देश दिए गए। वहीं खराब गेहूं को अलग करने की भी सख्त हिदायतें दी गईं।
हालांकि धनाना की कच्ची मंडी में बारिश के बाद से ही एक से दो फीट पानी जमा हो गया था। इसकी वजह से खुले में पड़ा अनाज भीग गया। वहीं अधिकारियों ने मंडी से बारिश के पानी की निकासी कराने के बाद गेहूं को सुखाने की व्यवस्था कराई है। जिन कट्टों में अनाज भीग गया था, उन कट्टों को भी खाली कराया जा रहा है।
वहीं बवानीखेड़ा मंडी में भी बारिश से भीगा हजारों क्विंटल गेहूं की ढेरी अब लगाई गई है। इसमें भराई कराए गए कट्टों को भी ढेरी पर ही मजदूरों से खाली कराया गया।
बता दें कि जिला की 11 मंडियों में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद कराई गई थी। इसमें भिवानी जिला मुख्यालय, जूई, ढिगावा, चांग, धनाना, लोहारू, बहल, सिवानी मंडी मुख्य रूप से शामिल रही। हालांकि कुछ मंडियों में कम आवक की वजह से पहले ही खरीद सिमट चुकी थी। लेकिन जिला मुख्यालय की मंडी सहित बवानीखेड़ा, तोशाम, जूई, ढिगावा मंडी सहित अन्य मंडियों में गेहूं की खरीद अब भी जारी है।
सरसों की सरकारी खरीद बंद हो चुकी है, मगर सरसों की उठान अभी तक नहीं हो पाई है। मंडियों में अब भी करीब पांच लाख क्विंटल से अधिक सरसों मंंडियों में पड़ी है, इसमें से अधिकांश तो खुले आसमान के नीचे ही है। बारिश में लाखों क्विंटल सरसों भी भीग गई है, जिसकी भी अब दोबारा से सुखाकर भराई कराए जाने की हिदायतें खरीद एजेंसियों ने दी है।
गोदामों में होगी मंडियों से आने वाले गेहूं और सरसों की जांच
अधिकारियों ने शनिवार को मंडियों का निरीक्षण कर बारिश में सरसों और गेहूं के भीगने का जायजा लिया है। इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट हिदायतें दी हैं कि आढ़ती अच्छी तरह से भीगे हुए अनाज को सुखाकर फिर से उसकी भराई कराएंगे। अगर अनाज खराब है तो उसे अलग से निकाला जाएगा। गोदामों में भी लगाने से पहले मंडियों से आने वाले हर कट्टे की गहनता से जांच होगी। अगर गोदाम में लाए गए कट्टों में खराब गेहूं है तो उसे वापस आढ़ती के पास भेजा जाएगा।
मंडियों का दौरा कर बारिश से प्रभावित गेहूं का जायजा लिया है। धनाना मंडी में बारिश से काफी कट्टे भीगे हैं, जिन्हें सुखाकर दोबारा से भराई कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अगर अनाज बारिश में खराब हुआ है तो उसे अलग से निकालकर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुखाने के बाद ही मंडियों से गेहूं की उठान जाएगी।
-अनिल कालरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक व नोडल अधिकारी, भिवानी।