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Bhiwani News: देवराला में बंदरों का उत्पात बढ़ा, मासूम पर हमला, लोग परेशान

Fri, 12 Sep 2025 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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बंदर ने किया छोटी बच्ची को घायल। 
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कैरू। गांव देवराला में बंदरों का उत्पात दो वर्षों से लगातार बढ़ता जा रहा है। स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थी और घर के आंगन में खेल रहे मासूम बच्चे भी बंदरों के हमले से सुरक्षित नहीं हैं। शुक्रवार सुबह घर के बाहर खेल रही तीन साल की बच्ची शालू पर बंदरों के झुंड ने हमला कर कमर पर काट लिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर मां और पड़ोसी दौड़े और बंदरों को भगाया। शालू के माता-पिता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी शहर से काम के लिए आए प्रवासी हैं। बच्ची उस समय गली में खेल रही थी जबकि उसकी मां घर में खाना बना रही थी और पिता दिहाड़ी पर गए थे।
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बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण गांववासियों का जीवन दुष्वार हो गया है। घरों से सामान उठाए जा रहे हैं, रास्ते में जा रहे राहगीरों पर हमला हो रहा है और छतों पर रखी पानी की टंकी, टीवी की छतरी आदि भी नुकसान बंदर कर रहे हैं। डर के कारण लोग अब छतों पर कपड़े या अन्य सामान भी नहीं रख रहे हैं।

ग्राम पंचायत देवराला के सरपंच प्रतिनिधि दीपक ने बताया कि समस्या का समाधान केवल चंदा इकट्ठा करके ही संभव है। उन्होंने कहा कि वन विभाग से बातचीत हुई है। बंदर पकड़ने के लिए टीम दूसरे प्रदेश से आएगी और एक बंदर पकड़ने पर 800 रुपये खर्च होंगे। बंदरों को खाने-पीने और टीम के आने-जाने का खर्च पंचायत वहन करेगी। दीपक ने बताया कि अंधविश्वास के कारण भी लोग बंदरों को पकड़ने में हिचकिचा रहे हैं क्योंकि हिंदू धर्म में बंदरों को हनुमान का दर्जा दिया गया है। इसलिए व्यक्तिगत प्रयास के बजाय चंदा इकट्ठा कर ही समाधान निकाला जाएगा।
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गांव में बंदर के काटने के कई मामले सामने आए हैं लेकिन ग्राम पंचायत वन विभाग को इसकी शिकायत नहीं कर रही है। जिम्मेदार मौन हैं और समस्या से निजात पाने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। पंचायत बड़े हमले का इंतजार कर रही है। - कलासो, ग्रामीण।

बंदर खाने-पीने के सामान को बिखेरने के साथ-साथ कपड़े भी उठा ले जाते हैं और उन्हें फाड़कर बर्बाद कर देते हैं। कई बार बार इतने ज्यादा होते हैं कि पूरा झुंड घरों पर चढ़ जाता है और लोगों को घर के दरवाजे बंद करने पड़ते हैं। मेरी बच्ची को काट लिया। अब टीके लगवाने पड़े। -सोनम, मासूम बच्ची शालू की मां।
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