भिवानी। केएम स्कूल में कोविड-19 वैक्सीनेशन के दौरान अचानक एक मरीज की तबीयत बिगड़ गई। प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस से उसे अस्पताल भेजा गया। यह सब कोविड-19 वैक्सीनेशन की ड्राई रन यानी मॉक ड्रिल में हुआ। जिले में छह जगह जिला प्रशासन की ओर से ड्राई रन की गई और प्रथम चरण में चयनित कर्मचारियों को टीकाकरण किया गया। उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य भी ड्राई रन का जायजा लेने पहुंचे। यहां सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत और अन्य चिकित्सा अधिकारियों से बातचीत कर तैयारियों का जायजा लिया और छोटी-मोटी खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान 150 लोगों पर टीके का ट्रायल किया गया।
वीरवार को केएम स्कूल हांसी गेट, गवर्नमेंट ब्वायज स्कल, केएलजेई अस्पताल, सीएचसी लोहारू, सीएचसी जमालपुर, पीएचसी जुई पर कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए ड्राई रन हुआ। केएम स्कूल में हुई मॉक ड्रिल में उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य भी पहुंचे। इस दौरान उपायुुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकार की हिदायतनुसार स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों का पूरा डाटा तैयार करें ताकि जब भी वैक्सीन विभाग के पास आए तो उसे दिया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकार के निर्देशानुसार ही वैक्सीन के लिए जगहों का चयन किया जाए और वहां पर समुचित व्यवस्था भी की जाए। प्रत्येक सेंटर पर मेडिकल ऑफिसर और एंबुलेंस की व्यवस्था हो।
सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, कोविड प्रभारी डॉ. राजेश कुमार और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आशीष ने उपायुक्त को बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास प्रथम चरण में शामिल कर्मचारियों का डाटा पहुंच चुका है। नीमा और आईएमए द्वारा भी डाटा मुहैया करवाया गया है।
स्ट्रेचर और एंबुलेंस के माध्यम से सामान्य अस्पताल भेजा एक व्यक्ति
ड्राई रन के दौरान उपायुक्त आर्य ने केएम स्कूल और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं को देखा और प्रत्येक रूम में नियुक्त किए गए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से उनकी ड्यूटी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि वैक्सीन दिए जाने के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उपायुक्त ने एक व्यक्ति को स्ट्रेचर के माध्यम से सामान्य अस्पताल पहुंचाने को कहा। इस पूरी प्रक्रिया की मॉक ड्रिल की गई, जिसमें चिकित्सकों ने सामान्य अस्पताल पहुंचाने से पहले व्यक्ति के स्वास्थ्य की जांच भी की। इस दौरान केएम स्कूल प्राचार्य रेनू सैनी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के प्राचार्य शिव कुमार मौजूद रहे।
इस प्रकार रही ड्राई रन
ड्राई रन के दौरान सबसे पहले व्यक्ति वैक्सीनेशन ऑफिसर के पास जाता है, वहां पर उसका सूची में नाम और आईडी चेक की गई। उसके बाद उसे वैक्सीनेशन ऑफिसर-2 के पास भेजा, कोविन एप में जांच की गई। यहां पर वेरीफाई होने के बाद उसे वैक्सीनेशन ऑफिसर तीन के पास भेजा गया, वैक्सीन दी गई। वैक्सीन के बाद ऑब्जर्वेशन रूम में रखा गया। यहां साइड इफेक्ट होने पर एएफआई रूम बनाया हुआ था। जहां से एक कर्मचारी को परेशानी होने पर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया।
वैक्सीन लगवाने के लिए पूरे करने होंगे पांच चरण
जिले के उप सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार की मौजूदगी में लोहारू स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन किया। इस दौरान करीब दो दर्जन लोगों को मॉक ड्रिल के माध्यम से कोरोना वैक्सीन लगाने का रिहर्सल किया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. गौरव चतुर्वेदी ने बताया कि ड्राई रन के दौरान जांचा गया है कि जब वैक्सीन लगाई जाएगी तो किस प्रकार से व्यवस्था होगी। कोरोना टीकाकरण के लिए पांच चरण पूरे करने होंगे। इस टीकाकरण की मॉक ड्रिल के दौरान डॉ. सुधीर सिंह, डॉ. कल्पना चतुर्वेदी, डॉ. राहुल देव, डॉ. रीता, डॉ. अनुज, डॉ. दीपक, स्वास्थ्य कर्मी अजय कुमार, कुलबीर सिंह, जयसिंह, राजेश कुमार, नितिन शर्मा, हरिओम शर्मा सहित अनेक स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
मॉक ड्रिल के दौरान महिला कर्मचारी को इंजेक्शन लगाते स्टाफ सदस्या। संवाद- फोटो : Bhiwani