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लापरवाहीः बारिश में भीगे बाजरे के कट्टे

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जूई मंडी में बारिश से भीगे बाजरे के कट्टे। - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। भौतिक सत्यापन के बावजूद अभी भी जिले में करीब 45 हजार क्विंटल बाजरा खरीद लंबित पड़ी है। इतना ही नहीं तीन दिन से बारिश के मौसम में बावजूद डेढ़ महीने से जुई मंडी में हजारों बाजरे के कट्टे खुले में ही पड़े हैं। जिनका उठान न होने से बाजरा मंडी में ही भीग गया है। वीरवार को जुई मंडी के आढ़तियों ने बाजरे का उठान नहीं होने और 16 व 17 नवंबर के बाजरा की खरीद शुरू कराए जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
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आढ़तियों ने प्रशासन पर आरोप लगाए कि भौतिक जांच के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी की वजह से हजारों क्विंटल बाजरा मंडी में अटा पड़ा है, जिसकी खरीद नहीं हो रही है। वहीं डीसी ने भी निदेशक को पत्र लिखकर इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा है।
भिवानी में दो खरीद एजेंसियों द्वारा अक्तूबर माह से बाजरा की सरकारी खरीद की जा रही है। 12 नवंबर से बाजरा की खरीद बंद पड़ी है। भौतिक सत्यापन के बाद दो दिसंबर तक खरीद का फिर से नया शेड्यूल आया था। मंडी के आढ़तियों ने बताया कि मंडी में कई बार बाजरा की उठान के संबंध में संबंधित ठेकेदार व खरीद एजेंसी के अधिकारियों को सूचित किया गया। लेकिन फिर भी उसका उठान नहीं हुआ। मंडी में बाजरा रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, मगर इसके बावजूद भी तिरपालों के सहारे ही बारिश से बाजरा का बचाव कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। अगर जल्द से जल्द बाजरा उठान नहीं हुआ तो फिर बारिश में इसके खराब होने की अधिक संभावनाएं बनी हैं। आढ़तियों ने ढुलाई ठेकेदार पर भी लापरवाही के आरोप लगाए।
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वहीं खरीद एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में जिला उपायुक्त के साथ बैठक हो चुकी है और उपायुक्त ने भी निदेशक को पत्र लिखकर बाजरा खरीद के संबंध में मार्गदर्शन मांगा है।
खरीद की अवधि भी हुई पूरी
खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की मानें तो अक्तूबर माह में शुरू हुई बाजरा की खरीद की अवधि अब पूरी हो चुकी है। सरकार की तरफ से अब फसल खरीद की बहुत कम संभावनाएं नजर आ रही हैं, क्योंकि अब तक खरीद हो चुकी बाजरा फसल का खाका भी तैयार हो चुका है, जिसकी रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। वहीं कृषि विपणन बोर्ड मुख्यालय से किसी भी मंडी में बाजरा की खरीद का ऑनलाइन कोई शेडयूल भी चार जनवरी के बाद नहीं आया है।
वर्जन-
जुई मंडी में 29 दिसंबर तक बाजरा की खरीद हुई, जिसका अभी तक उठान नहीं किया गया है। कई बार ढुलाई ठेकेदार व खरीद एजेंसी के अधिकारियों को भी सूचित किया गया। मंडी में 16 व 17 नवंबर के ढाई सौ किसानों के टोकन कटे थे, जिनके करीब साढ़े सात हजार क्विंटल बाजरा पड़ा है, जिसकी खरीद भी नहीं हो रही है।
- सुरेंद्र सिंगला, प्रधान आढ़ति एसोसिएशन जुई मंडी।
बाजरा खरीद को जारी रखने के संबंध में अभी मुख्यालय से कोई हिदायतें नहीं मिली हैं। जुई मंडी में रखा बाजरा अभी गीला हैं, जिसका सूखने के बाद ही उठान संभव हो पाएगा। चार जनवरी तक मंडी में बाजरा की खरीद हुई है।
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- अनिल अहलावत, जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।

जूई मंडी में बाजरे का उठान न होने के विरोध में रोष व्यक्त करते आढ़ती।- फोटो : Bhiwani

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