भिवानी। भिवानी के होनहार मोहित यादव ने बीटेक करने से पहले ही वर्ष 2019 में स्टार्टअप शुरू कर देश का नाम रोशन किया। वर्ष 2023 में बीटेक करने के बाद मोहित ने गूगल और नासा जैसे विदेशी संस्थानों से ढाई करोड़ सालाना पैकेज के ऑफर को ठुकरा दिया। कारोबार में मिली कामयाबी के कारण नेशनल स्टार्टअप का अवॉर्ड भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्राप्त किया।
मूलरूप से चरखी दादरी के भागेश्वरी और हाल भिवानी निवासी मोहित यादव के पिता अनिल यादव का पेट्रोल पंप और खुद का कारोबार है। मोहित बीटेक करने के साथ ही देश में रहकर कुछ नया करना चाहता था। इसी मकसद को पूरा करने के लिए बीटेक करने से पहले वर्ष 2019 में एमके एप क्रिएटिव प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की। इसका मुख्यालय गुरुग्राम में बनाया। अब इस कंपनी की बंगलूरू और पुणे में भी शाखाएं खुल चुकी हैं। मोहित 80 पेटेंट कराने के साथ ही आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी कई आविष्कार कर चुके हैं। उनकी कंपनी में करीब ढाई सौ लोगों को रोजगार मिला है।
कंप्यूटर साफ्टवेयर और एआई ड्राइवररहित कार भी बनाने में जुटी हैं कंपनी
मोहित यादव ने बताया कि उसकी कंपनी कंप्यूटर साफ्टवेयर तैयार करने के साथ-साथ एआई ड्राइवररहित कार भी बनाने में जुटी हैं। इसके लिए टाटा और महेंद्रा के साथ भी उनका अनुबंध है। इन दोनों ही ऑटोमोबाइल कंपनियों की गाड़ियों में आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग कर रही है।
छोटा भाई भी कर रहा मोहाली से आईआईटी
अनिल यादव ने बताया कि उसके दो बेटे हैं। बड़ा मोहित यादव और छोटा बेटा मनीष यादव है। बड़े बेटे का खुद का स्टार्टअप है और छोटा बेटा मनीष यादव मोहाली से आईआईटी अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है।
जुलाई 2023 में मिला था मोहित को पीएम के हाथों नेशनल स्टार्टअप अवार्ड
मोहित यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2023 में स्टार्टअप के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल स्टार्टअप अवाॅर्ड दिया था। दस से 12 जनवरी 2025 में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में भी देश के टॉप टेन स्टार्टअप में मोहित को निमंत्रण मिला था। इसमें देशभर से दो हजार स्कूली बच्चों को स्टार्टअप कल्चर के बारे में जानकारी दी गई थी। इसे अपने देश में आगे बढ़ाने का भी मंत्र टॉप टेन स्टार्टअप करने वालों ने बच्चों को दिया था।
अंतिम वित्त वर्ष में मोहित की कंपनी ने भुगतान किया 50 करोड़ का जीएसटी
मोहित यादव ने बताया कि उनकी कंपनी ने सरकार को अंतिम वित्त वर्ष में करीब 50 करोड़ का तो जीएसटी भुगतान कर दिया है। साफ्टवेयर और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में उनकी कंपनी देश की नामी कंपनियों के साथ जुड़कर नई तकनीक को साझा कर और बेहतर बनाने का प्रयास में लगी है।