बैंक कर्मचारियों के साथ बैठक करते पुलिस अधिकारी।
भिवानी। कोई भी बैंक अधिकारी या कर्मचारी साइबर अपराध में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। यह बात भिवानी के पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने शुक्रवार को बैंक अधिकारियों की बैठक में कही। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने साइबर धोखाधड़ी में उपयोग किए जा रहे बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के दुरुपयोग को रोकने और इसमें संलिप्त अपराधियों एवं बैंक कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
एसपी नीतीश अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी भी बैंक की ओर लापरवाही बरती जाती है और साइबर अपराधियों को खाता खोलने या बैंकिंग सेवाओं का दुरुपयोग करने में मदद मिलती है तो संबंधित बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में साइबर थाना प्रभारी द्वारा बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बैंक खाता खोलते समय केवाईसी प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए।
इसके अलावा संदिग्ध लेन-देन की निगरानी की जाए और समय रहते साइबर पुलिस को सूचित किया जाए। वहीं साइबर अपराध से जुड़े बैंक खातों को तत्काल फ्रीज करने और अपराधियों की जानकारी पुलिस को देने की प्रक्रिया तेज की जाए। इस दौरान पुलिस की तरफ से भी बैंक अधिकारियों इस तरह के मामले में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक भिवानी नीतीश अग्रवाल ने सभी बैंक अधिकारियों को स्पष्ट किया कि यदि किसी बैंक में लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आपराधिक मुकदमे भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि भिवानी पुलिस साइबर अपराध पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी व्यक्ति को साइबर धोखाधड़ी की जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर थाना भिवानी से संपर्क करें। संवाद