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दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना होंगे किसान : सांगवान

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भिवानी। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे धरनों को ताकत देने के लिए इलाके की खाप और अन्य संगठन मिलकर अब एक साथ मिलकर कूच करेंगे। यह एलान दादरी से निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप के प्रधान सोमबीर सांगवान ने किया। मंगलवार को कितलाना टोल पर सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायतआयोजित की। मंगलवार को कितलाना टोल पर चार घंटे की रणनीति के अनुसार आंदोलन की अगुवाई संयुक्त किसान मोर्चा करेगा और खाप इसमें सहयोग और निगरानी का काम करेंगी। वहीं महापंचायत में 12 प्रस्ताव पारित किए गए।
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कितलाना टोल पर पहुंचे स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि आजादी के बाद 70 साल में पहली बार देश के किसान मजदूर एकजुट हुए हैं और उन्होंने अपनी मजबूती का एहसास राजनीतिक दलों को करा दिया है। आंदोलन के कारण किसानों का आत्म सम्मान लौटा है। धरने को बलवंत नंबरदार, नरसिंह डीपीई, बिजेंद्र बेरला, सुमित दलाल, गंगाराम श्योराण, राजू मान, जोगेंद्र नैन, कमल प्रधान, सदानंद सरस्वती, कश्मीर जाखड़, सुरेंद्र सोलंकी, अमित सांगवान, महासिंह कालीरावन, रणधीर मोर, सतबीर प्रधान, सूबे सिंह सामैण, कप्तान रणधीर चहल, राजबाला धनाना, सुदेश गोयत, अनीता सिहाग, अशोक मलिक, विनोद गुलिया, कुलदीप फौजी, राजबीर शास्त्री, कमलेश भैरवी, संतोष देशवाल, सुशील धानक, फूल कुमार पेटवाड़, सुरेश नांदल, हरदीप अहलावत, धर्मपाल हुड्डा, जयसिंह अहलावत, सुरेन्द्र दहिया, सुंदर पहलवान बामला, मनीषा बिश्नोई, कविता आर्य, सीताराम शर्मा में संबोधित किया।
महापंचायत में ये रखे प्रस्ताव
- बिना देरी के तीनों कृषि कानून रद्द करें।
- एमएसपी की गारंटी देने का कानून बनाएं।
- बिजली संशोधन मसौदा 2020 वापस लें।
- चारों लेबर कोड निरस्त करें।
- हरियाणा विधानसभा द्वारा हाल ही में बनाए गए संपत्ति क्षतिपूर्ति कानून को रद्द करें।
- आंदोलन के दौरान शहादत देने वाले सभी किसान-मजदूरों में से हर परिवार को 50 लाख मुआवजा देने और परिवार में से एक को स्थायी रोजगार देने की मांग रखी।
- पावर ग्रिड और हरियाणा बिजली वितरण निगम की लाइन जहां भी बिछ रही हो, वहां किसानों को बाजार के हिसाब से मुआवजा मिलने या उचित किराये का प्रावधान करें।
- सार्वजनिक क्षेत्र जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, परिवहन, ऊर्जा, और वित्तीय का निजीकरण रोक लगाने और रोजगार को बढ़ावा देने की मांग।
- पेट्रोल-डीजल के दाम करने और ट्रैक्स को कम करने की मांग।
- सरकारी और गैर सरकारी उपयोग के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण के लिए कलेक्टर रेट के चार गुना मुआवजा दिया जाए।
- किसानों के कर्जे माफ करने की मांग
इन टोलों से पहुंचे किसान
मंगलवार को कितलाना टोल पर 52 खापों सहित आठ टोल से किसान और अन्य संगठन पहुचे। जिसमें खटखड़ टोल, मय्यड़ टोल, बधवा टोल, बदवाला टोल, चौधरीबास टोल, सांपला टोल, बास टोल, जसिया टोल से किसान धरने देने के लिए पहुंचे।
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ये रहे उपस्थित : इस अवसर पर मास्टर ताराचंद चरखी, सूरजभान सांगवान, धर्मपाल महराणा, सुरेंद्र कुब्जानगर, शमशेर फौगाट, सुरेश फौगाट, जगदीश हुई, बलबीर बजाड़, धर्मेंद्र छपार, सुरेंद्र कटारिया, राजकुमार हड़ौदी, मीरसिंह नीमड़ीवाली, कप्तान रामफल, धर्मपाल बाढड़ा, सुभाष यादव, विनोद मोड़ी, प्रेम कुमारी अचीना, मुन्नी खातीवास, मुकेश पहाड़ी, कृष्णा छपार, रामफल देशवाल, निर्मला पांडवान, बीरमति डोहकी, रणधीर कुंगड़, राज सिंह जताई, प्रीतम चेयरमैन, अत्तर सिंह बलाली, सूबेदार सतबीर सिंह, पूर्व सरपंच समुंद्र सिंह उपस्थित रहे।
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