भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में आयोजित सातवां युवा महोत्सव ‘उत्कर्ष’ शुक्रवार को शुरू हुआ जहां उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी अपनाने का सशक्त संदेश दिया गया। 21 से 23 नवंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव में विभिन्न विभागों के विद्यार्थी अपनी सृजनात्मकता, कौशल और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करेंगे।
शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर बवानीखेड़ा के विधायक कपूर वाल्मीकि ने विद्यार्थियों से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का व्यापक उपयोग विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने का मजबूत आधार बनेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने की। उन्होंने कहा कि देश को अब हर घर से उद्यमी चाहिए और विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को हर तरह का प्रशिक्षण व प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई तथा नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारा युवा नशा नहीं, नवाचार के रास्ते विश्व नेतृत्व की ओर आगे बढ़ेगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करेगा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली के निदेशक दिनेश खन्ना ने विश्वविद्यालय की रचनात्मकता और उद्यमिता को सराहते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और स्वदेशी अपनाने का आग्रह किया।
पारंपरिक कलाओं और हस्तशिल्प ने किया आकर्षित
महोत्सव में लगे स्वदेशी मेले ने सभी का ध्यान खींचा। मेले में पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और संस्कृति का मनमोहक प्रदर्शन किया गया जो आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करता है। कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी और विधायक कपूर वाल्मीकि ने मेले का उद्घाटन किया। मीडिया विभाग के फोटोग्राफी क्लब के छात्रों द्वारा तैयार छायाचित्र प्रदर्शनी भी मेले का खास आकर्षण रही। इसके अलावा भिवानी के स्वदेशी मंच, स्वयं सहायता समूहों और विद्यार्थियों द्वारा स्वदेशी उत्पादों एवं खान-पान की विविध स्टॉलें लगाईं।
तीन दिन में 40 सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे
युवा महोत्सव की रूपरेखा सचिव एवं डीवाईडब्ल्यू निदेशक डॉ. सोनल शेखावत ने प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 30 महाविद्यालयों से 700 विद्यार्थियों ने भाग लिया है। तीन दिन में नृत्य, संगीत सहित कुल 40 सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। शुक्रवार को क्लासिकल डांस, ड्रामा, गायन, पोस्टर मेकिंग, पेंटिंग, मेहंदी और काव्य पाठ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। मंच संचालन प्रो. सुनीता भरतवाल और डॉ. स्नेहलता शर्मा ने किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध हरियाणवी गायक महावीर गुड्डू, कुलदीप पूनिया और स्वदेशी जागरण मंच के प्रो. वेद प्रकाश लोहच उपस्थित रहे।