फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: भिवानी जिला परिषद चेयरपर्सन की कुर्सी पर मंडराया संकट, अविश्वास प्रस्ताव की बैठक 7 को तय

Fri, 27 Dec 2024 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी। नगर परिषद उपाध्यक्ष की उठापटक पर विराम लगा तो अब भिवानी जिला परिषद में चेयरपर्सन की कुर्सी पर संकट छा गया है। जिला परिषद के 15 से अधिक पार्षदों ने चेयरमैन अनिता मलिक के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त को शपथ पत्र सौंप दिया है। इसके बाद सात जनवरी को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक प्रशासन ने तय कर दी है।
विज्ञापन

पार्षदों ने लंबे समय से बैठक नहीं बुलाने और समान रूप से वार्ड पार्षदों को ग्रांट वितरण नहीं करने के आरोप लगाए हैं जबकि जिला परिषद की चेयरपर्सन अनिता मलिक पहले ही जिला प्रशासन और सरकार पर जिला परिषद के काम ठप करने के गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। बैठक में भी अधिकारी नहीं पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भी जिला परिषद कार्यालय में चेयरपर्सन अनिता मलिक ने बैठक बुलाई थी। इसमें महज तीन पार्षद ही पहुंचे थे, जबकि दो पार्षदों ने बैठक में आने पर अपनी मजबूती जता दी थी।
भिवानी में 27 नवंबर 2022 को जिला परिषद के 22 वार्डों का चुनाव हुआ था। इसमें जनवरी 2023 को अनिता मलिक को चेयरपर्सन चुना गया था। नवंबर 2023 के बाद से ही जिला परिषद की बैठक नहीं हुई। इसकी वजह से सभी वार्डों में विकास कार्य भी ठप पड़े हैं। वहीं ग्रांट वितरण पर भी संकट मंडरा गया है।
विज्ञापन

बता दें कि जिला परिषद की चेयरपर्सन अनिता मलिक ने लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा को छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इसके बाद से ही प्रशासन और जिप चेयरपर्सन के बीच की खींचतान बढ़ गई। हालांकि अब इस खींचतान में पार्षदों ने भी अपना मोर्चा खोल दिया है और अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए प्रशासन को शपथ पत्र सौंप दिए हैं। किरण चौधरी के समर्थक जिला पार्षद प्रतिनिधि मोनू देवसरिया का कहना है कि लंबे अर्से से जिप में विकास काम ठप पड़े हैं, इसके पीछे चेयरपर्सन द्वारा पार्षदों की बैठक नहीं बुलाना रहा है। सभी वार्डों में समान रूप से भी ग्रांट नहीं बांटी गई है।

15 से अधिक जिला पार्षदों ने प्रशासन को जिला परिषद की चेयरपर्सन अनिता मलिक के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के शपथ पत्र दिए हैं। जिला प्रशासन ने सात जनवरी को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाई है। पार्षद अपने वार्डों में विकास कार्य ठप होने से खासे नाराज हैं। बैठक में पार्षद ही तय करेंगे कि आगे क्या करना है। - मोनू देवसर, जिला पार्षद प्रतिनिधि, भिवानी।

हमने जिला परिषद की बैठक बुलाने के लिए काफी बार प्रशासन से अनुरोध किया। बैठक में जिला पार्षद पहुंचते तो प्रशासन के अधिकारी नहीं आते। प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई सहयोग नहीं किया। अब भी सात जनवरी को अविश्वास बैठक में उन्हेें पूरा विश्वास है कि डीसी या तो बीमार हो जाएंगे या फिर किसी अन्य प्रशासनिक वजह से बैठक में नहीं आएंगे। -अनीता मलिक, चेयरपर्सन, जिला परिषद भिवानी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें