सामान्य अस्पताल परिसर में बने नर्सिंग हॉस्टल में मंगलवार सुबह शॉर्ट सर्किट से बिजली सप्लाई के मुख्य बॉक्स में आग लग गई। जिससे छात्राओं में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बिजली लाइन कटवाई गई। इससे नाराज छात्राओं ने रोष जताया और प्रधान चिकित्सा अधिकारी से मिलने पहुंची। पीएमओ की अनुपस्थिति में सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची। इसके बाद छात्राओं ने ओपीडी के बाहर अस्पताल परिसर में धरना देकर रोष जताया। छात्राओं ने आरोप लगाए कि वे कंडम बिल्डिंग में रहने को मजबूर हैं। अक्सर यहां बिजली-पानी की समस्या रहती है तो लेंटर का मलबा अक्सर टूटकर गिरता रहता है। ऐसे में हर समय छात्राओं पर खतरा रहता है।
सामान्य अस्पताल परिसर में बने नर्सिंग हॉस्टल में एएनएम, जीएनएम की छात्राएं रहती है। फिलहाल यहां 75 छात्राएं रह रही हैं। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे नर्सिंग हॉस्टल के तृतीय तल पर बने बिजली सप्लाई के मुख्य बॉक्स में शॉर्ट सर्किट हुआ और बिजली की तारों में आग लग गई। बिजली की तारों में पटाखे बजने लगे और धुआं फैल गया। जिससे छात्राएं भी घबरा गई और नीचे भागी। इसकी सूचना नर्सिंग कॉलेज प्रिंसिपल को भी दी गई। बिजली सप्लाई बंद करवाई गई। सूचना पर नर्सिंग कॉलेज की टीचर्स भी पहुंची और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। हॉस्टल की अव्यवस्थाओं से खफा छात्राओं ने रोष जताया और समस्याओं को लेकर प्रधान चिकित्सा कार्यालय पहुंची। जहां पता लगा कि प्रधान चिकित्सा अधिकारी अवकाश पर है। जिसके बाद छात्राएं सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची। यहां अधिकारियों ने बताया कि हॉस्टल की जिम्मेदारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी की है। जिसके बाद नाराज छात्राएं ओपीडी के पास पहुंची और धरना देकर रोष जताया। छात्राओं ने करीब आधे घंटे तक धरना दिया। बाद में छात्राओं को बताया गया कि सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से इलेक्ट्रिशियन भेजा गया है। जिसके बाद छात्राएं वापस लौटी।
कभी बिजली की दिक्कत तो कभी पानी की, गिरता रहता है लेंटर का मलबा : नर्सिंग छात्राएं हॉस्टल की अव्यवस्थाओं को लेकर खासी नाराज दिखी। छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल पूरी तरह कंडम हो चुका है। यहां कभी बिजली की समस्या रहती है तो कभी पानी की। लेंटर का मलबा भी टूटकर गिरता रहता है। आज अचानक वायरिंग में आग लग गई। कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। अधिकारी हॉस्टल की समस्याओं के प्रति गंभीर ही नहीं है।
पिछले दिनों दो बार लेंटर का मलबा गिरा : पिछले दिनों दो दफा हॉस्टल में लेंटर का मलबा टूटकर गिरा। एक बार भूतल पर बने मुख्य गेट के पास ही मलबा गिरा तो एक बार प्रथम तल पर मलबा गिरा। गनीमत रही कि उस समय वहां छात्राएं नहीं थी। वरना कोई भी हादसा हो सकता था।
मेडिकल कॉलेज के फेर में लटका है जीर्णोद्धार कार्य : नर्सिंग हॉस्टल का जीर्णोद्धार कार्य मेडिकल कॉलेज के निर्माण के चलते लटका हुआ है। जीर्णोद्धार के लिए करीब 22 लाख का बजट आ चुका है। मगर यहां मेडिकल कॉलेज बनना है तो उसी के अनुसार इसके जीर्णोद्धार या दोबारा बनाने का कार्य होगा। पिछले दिनों यहां मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए टीम ने निरीक्षण किया था और हॉस्टल को पूरी तरह कंडम बताते हुए अपनी राय दी थी कि इसके जीर्णोद्धार पर रुपये लगाने से बेहतर है कि इसे दोबारा से बनाया जाए।
नर्सिंग हॉस्टल की अव्यवस्था के बारे में अधिकारियों को पहले भी अवगत कराया जा चुका है। डायरेक्टर मेडिकल कालेज एंड रिसर्च को भी अवगत कराया जा चुका है मगर अभी पता नहीं कि कब जीर्णोद्धार हुआ है।
महेंद्र कौर, प्रिंसिपल, नर्सिंग कॉलेज
आज सुबह बिजली के डक में आग लग गई थी। जिसे बाद में इलेक्ट्रिशियन बुलाकर ठीक करा दिया गया है।
बब्बल, कार्यकारी प्रिंसिपल, नर्सिंग कॉलेज