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घर में ही बनाए मास्क

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कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सरकार ने 21 दिन यानी 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया है। चार दिनों से घर में बैठे लोग बोर होने की तरह-तरह की विडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे है। कोई दाल के दाने गिन रहा है तो कोई पंखा स्विच बंद किए जाने के बाद कितनी बार घूमकर रुकता है, कितनी देर में घूमता है आदि। इन सबके बीच कुछ लोग ऐसे भी है जो लॉकडाउन के दौरान घर में बिताए अपने समय को बेहतर प्रयोग कर लोगों के लिए मदद कर रहे है। इनमें कोई घर में बैठकर कपड़े के मास्क बना रहा है तो कोई आंगन की खाली जगह को ही बेहतर बना सब्जियां उगाने में जुट गए है। ग्रामीण क्षेत्र के काफी लोग जो सरसों और गेहूं की कटाई के लिए मजदूरों पर निर्भर रहते थे, वे स्वयं ही दरात उठा खेतों में कटाई करने में जुटे है। ऐसे ही कुछ लोगों में हम आपको रूबरू करा रहे है।
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मास्क की कमी हुई तो स्वास्थ्य कर्मी की पत्नी और बेटी ने बनाए कपड़े के मास्क
कोरोना वायरस का खतरा लोगों के सिर मंडरा रहा है। मास्क की कमी के कारण काला बाजारी हो रही है। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मी जगदीश जांगड़ा ने मास्क की कमी की बात अपनी पत्नी शिक्षिका मधुबाला के समक्ष रखी तो उन्होंने घर में रहने के दौरान कपड़े के मास्क बनाने का निर्णय लिया। उनकी बेटी एमएससी जूलॉजी की छात्रा श्रुति भी अपनी मम्मी के साथ सहयोग में आई। दोनों ने कपड़े के मास्क बनाने शुरू किए। सहयोग में बेटा बैडमिंटन खिलाड़ी हर्षित भी आ गया। तीनों मिलकर अब करीब 250 मास्क बनाकर स्वास्थ्य कर्मचारियों को नि:शुल्क दे चुके है। हिंदी शिक्षिका मधुबाला ने बताया कि मास्क की कमी का पता लगने के बाद खाली समय का बेहतर प्रयोग करने के लिए उन्होंने कपड़े के मास्क बनाने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य कर्मी जगदीश ने बताया कि ये कपड़े के मास्क स्वास्थ्य कर्मचारियों, पुलिस कर्मचारियों को निशुल्क दिए जा रहे है ताकि वे कोरोना वायरस जैसे खतरे से सुरक्षित रह सके।
दो और शिक्षिकाएं आगे आई
गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में हिंदी शिक्षिका मधुबाला ने ज्यादा मास्क की मांग को देखते हुए स्कूल की ही अपनी दो साथी शिक्षिकाओं बबीता, बबीता से संपर्क किया तो वे भी मास्क बनाने के लिए आगे आई। अब ये दोनों शिक्षिकाएं भी कपड़े के मास्क बनाने में जुटी है।
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घर में शुरू की कीचन गार्डनिंग
बीएसएफ के जवान रहे ईश्रवाल वासी जगदीश महला ने लॉक डाउन के दौरान घर में रहते समय अपने इस समय का सदुपयोग करने के लिए कीचन गार्डनिंग शुरू की है। उन्होंने अपने घर के आंगन-बगीचे की सफाई कर वहां विभिन्न सब्जियां मटर, मेथी, धनिया, ककड़ी, खीरा, टमाटर, तोरी, मिर्च, टिंडा की सब्जियां लगाई है। जगदीश महला ने बताया कि खाली समय का सदुपयोग करने के लिए किचन गार्डनिंग शुरू की। पत्नी भी इस कार्य में सहयोग कर रही है।
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