भिवानी पुलिस द्वारा कराए गए पहले पोस्टमार्टम में मनीषा की मौत तेजधार हथियार से हत्या बताई गई थी लेकिन रोहतक पीजीआई में किए गए दूसरे पोस्टमार्टम के बाद मामला बदल गया। हत्या से आत्महत्या की थ्योरी सामने आने के बाद मनीषा मौत को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ गया और न्याय की मांग उठी।
सीबीआई को सौंपने के बाद भी मनीषा मौत का मामला लंबा खिंचता जा रहा है। मनीषा के पिता संजय का कहना है कि वे दिवाली तक मामले के खुलासे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सीबीआई ने मामले के हर पहलू को खंगाल लिया है और गवाहों से कई दौर की पूछताछ भी कर चुकी है। पिछले 40 दिनों से सीबीआई मनीषा मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी है लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
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सोमवार को सीबीआई अधिकारी भिवानी के रेस्ट हाउस में बंद कमरे में तथ्यों की पड़ताल में लगे रहे। हालांकि दिल्ली से आईपीएस अधिकारी के आने की चर्चाएं थीं लेकिन कोई नया अधिकारी नहीं आया। संजय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें सीबीआई अधिकारियों से फोन पर कोई जानकारी नहीं मिली है।
11 अगस्त को लापता हुई मनीषा का 13 अगस्त को सिंघानी नहर के पास शव बरामद हुआ था। भिवानी पुलिस द्वारा कराए गए पहले पोस्टमार्टम में मनीषा की मौत तेजधार हथियार से हत्या बताई गई थी लेकिन रोहतक पीजीआई में किए गए दूसरे पोस्टमार्टम के बाद मामला बदल गया। हत्या से आत्महत्या की थ्योरी सामने आने के बाद मनीषा मौत को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ गया और न्याय की मांग उठी।
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भिवानी पुलिस से मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद तीन सितंबर से नए अधिकारी जांच में जुटे हैं। सीबीआई अधिकारियों ने प्ले स्कूल, कॉलेज प्रबंधन और चश्मदीद गवाहों से पूछताछ की है। मनीषा के परिजनों से भी पांच बार पूछताछ हो चुकी है। सोमवार को सीबीआई की छह सदस्यीय टीम भिवानी के रेस्ट हाउस के बंद कमरे में ही जांच में लगी रही।