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मनीषा मौत मामला: सवालों में उलझी जांच, परिजनों ने उठाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्टों में विरोधाभास

Wed, 20 Aug 2025 10:46 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी भिवानी

सार

मनीषा मौत मामले को जहां लोग हत्या और दुष्कर्म से जोड़ रहे हैं। वहीं, पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सवाल खड़े कर रहे हैं। अब सीएम सैनी ने परिजनों की मांग पर सीबीआई जांच का आश्वासन दिया है। 
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मनीषा मौत मामला - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मनीषा की मौत को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। परिजन जहां इसे हत्या और दुष्कर्म से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्टों में आए विरोधाभास ने सवालों को और गहरा कर दिया है। एक के बाद एक ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जिनसे मामले की गुत्थी सुलझने की बजाय और उलझती नजर आ रही है।
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मामले को लेकर खड़े हो रहे प्रमुख सवाल

मनीषा का शव बाजरे के खेत में मिला था। परिजनों का कहना है कि अगर कुत्तों ने शव को नोंचकर खाया था तो खेत की रेतीली और गीली जमीन पर पंजों के निशान क्यों नहीं मिले। बारिश के कारण खेत की मिट्टी मुलायम थी, ऐसे में वहां किसी भी जानवर के पैरों के निशान आसानी से दिखाई देने चाहिए थे। मृतका के कपड़े अस्त-व्यस्त अवस्था में मिले थे। इससे दुष्कर्म की आशंका परिजन शुरू से ही जता रहे हैं। साथ ही गला घोंटकर हत्या किए जाने की संभावना भी परिवार के लोग जता चुके हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर काफी मिट्टी पाई गई जबकि पुलिस को शव बरामद हुआ तो मनीषा के शरीर पर कपड़े थे। कपड़े पहने होने के बावजूद शरीर पर इतनी मिट्टी कैसे पहुंची, यह भी जांच का विषय है। दूसरी बड़ी गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई। रिपोर्ट में मनीषा की मौत जहरीला पदार्थ निगलने से बताई गई। जबकि पुलिस को मौके से न तो किसी जहरीले पदार्थ की शीशी, पाउच या रैपर मिला और न ही पानी की बोतल बरामद हुई।




 दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्टों में विरोधाभास

सबसे बड़ा विरोधाभास दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्टों में है। पहली रिपोर्ट में तेजधार हथियार से गला रेतकर हत्या की बात सामने आई थी। इसमें यह भी कहा गया कि शव की दोनों आंखें नहीं थीं और चेहरा एसिड से जला हुआ था। जबकि दूसरी रिपोर्ट में मौत जहरीला पदार्थ निगलने से बताई गई और दुष्कर्म की भी पुष्टि नहीं हुई। खास बात यह है कि पहली रिपोर्ट में लिए गए विसरा सैंपल के चलते जिन अंगों का जिक्र था, वे दूसरी रिपोर्ट में गायब दिखाए गए। जबकि पहली रिपोर्ट में अंग गायब होने का कोई उल्लेख ही नहीं था।



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