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मनीषा मौत मामला : सीबीआई ने सुसाइड नोट की दोबारा शुरू की जांच

Sat, 04 Oct 2025 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। मनीषा मौत मामले में एक बार फिर जांच की दिशा तेज हो गई है। मनीषा के पिता संजय की सीबीआई अधिकारियों से फोन पर बातचीत हुई है जिसमें अधिकारियों ने जल्द भिवानी आने की जानकारी दी है। इस बीच सीबीआई ने भिवानी पुलिस द्वारा बरामद किए गए सुसाइड नोट की दोबारा जांच शुरू कर दी है।
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इस सुसाइड नोट की लिखावट की जांच के लिए 15 सदस्यों की विशेषज्ञ टीम गठित की गई है जो मनीषा की हैंड राइटिंग से मिलान कर इसकी सत्यता की पुष्टि करेगी। मनीषा के पिता संजय ने बताया कि सीबीआई इस बार भिवानी पुलिस से भी पूछताछ करेगी। उन्होंने कहा कि अब तक सीबीआई केवल गवाहों से ही पूछताछ कर रही थी जबकि घटना स्थल से साक्ष्य और तथ्य जुटाने में भिवानी पुलिस की भूमिका अहम रही है। संजय ने सवाल उठाया कि अब तक सीबीआई ने न तो भिवानी पुलिस से और न ही जांच अधिकारी से किसी तरह की विस्तृत पूछताछ की है जबकि इस केस में कई महत्वपूर्ण तथ्य स्थानीय पुलिस के कब्जे में हैं।
गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय मनीषा 11 अगस्त की सुबह घर से निकली थी जिसके बाद 13 अगस्त की सुबह उसका शव सिंघानी नहर के पास लोहारू पुलिस को मिला था। पुलिस ने पांच दिन बाद 18 अगस्त को सुसाइड नोट मिलने का खुलासा किया था। हालांकि मनीषा के पिता संजय का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
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भिवानी पुलिस ने पहले दावा किया था कि बरामद सुसाइड नोट की लिखावट मनीषा की हैंडराइटिंग से मेल खाती है। अब यही सुसाइड नोट सीबीआई के कब्जे में है जिसकी दोबारा जांच कराई जा रही है। जांच एजेंसी दिल्ली की नई एक्सपर्ट टीम से इस नोट की सत्यता की पुष्टि करवा रही है। सूत्रों के अनुसार यह सुसाइड नोट ही इस पूरे मामले की जांच का अहम केंद्र बिंदु बन गया है।

किस विशेषज्ञ ने की थी पहली बार पुष्टि, किन हालातों में जुटाए गए थे सबूत, अब सीबीआई करेगी इसकी जांच
भिवानी पुलिस, विशेषकर लोहारू थाना पुलिस और मनीषा मौत मामले के पहले जांच अधिकारी रहे पुलिस कर्मचारियों को अब सीबीआई के तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। सीबीआई यह जानना चाहती है कि सुसाइड नोट की पहली बार जांच किस विशेषज्ञ से कराई गई थी और उस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने किन निष्कर्षों पर भरोसा किया। जानकारी के अनुसार सीबीआई उन विशेषज्ञों को भी पूछताछ के दायरे में ला सकती है जिन्होंने पहले सुसाइड नोट को प्रमाणित किया था। इसके अलावा सीबीआई यह भी पता लगाएगी कि मनीषा का शव बरामद होने से लेकर पोस्टमार्टम और सबूत जुटाने तक पुलिस ने किन परिस्थितियों में काम किया और क्या सभी जरूरी साक्ष्य सुरक्षित रखे गए थे।
मनीषा का शव मिलने के समय लोहारू थाना एसएचओ और उनकी टीम के साथ डीएसपी भी मौके पर पहुंचे थे। जब मामले ने तूल पकड़ा तो तत्कालीन एसपी ने खुद मौके पर जाकर सीन रिक्रिएट कराया था और पूरी घटना की समीक्षा की थी। अब सीबीआई इन्हीं अधिकारियों से क्रमवार पूछताछ करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि मनीषा की मौत को लेकर शुरुआती जांच में कहीं कोई चूक या लापरवाही तो नहीं हुई थी।
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