भिवानी। मनीषा मौत मामले में रविवार को ढाणी लक्ष्मण में सांकेतिक धरने के बाद परिजनों ने सीबीआई और सरकार को सप्ताह भर का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद आंदोलन पर निर्णय लिया जाएगा। मनीषा के पिता संजय का दावा है कि रोहतक पीजीआई में हुए दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को दिल्ली एम्स ने खारिज कर दिया है। वहीं सीबीआई भी हत्या की एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
मनीषा के परिजन इस मामले में शुरू से ही आत्महत्या की थ्योरी को नकारते आ रहे हैं। सीबीआई तीन सितंबर से इस मामले की जांच कर रही है लेकिन अब तक किसी नतीजे पर नहीं पंहुची है। संजय का कहना है कि सीबीआई हत्या की एफआईआर दर्ज कर उसी दिशा में जांच कर रही है जबकि रोहतक पीजीआई की रिपोर्ट में मनीषा की मौत को जहरीला पदार्थ निगलने व आत्महत्या की थ्योरी से जोड़ा गया था। मनीषा के शव का पहला पोस्टमार्टम 14 अगस्त को भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल में हुआ जिसमें हत्या की आशंका जताई गई थी। इसके बाद 18 अगस्त को रोहतक पीजीआई में दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया जिसकी रिपोर्ट में आत्महत्या बताया गया। परिजनों ने इस रिपोर्ट पर एतराज जताया। इसके बाद 20 सितंबर को दिल्ली एम्स में तीसरा पोस्टमार्टम हुआ जिसमें पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के दौरान लिया गया विसरा भी शामिल था। हालांकि तीसरे पोस्टमार्टम में मनीषा का शव भी ले जाया गया था लेकिन शव काफी पुराना होने के कारण उससे कोई तथ्य नहीं जुटाए जा सके। संजय के अनुसार रविवार को सांकेतिक धरने के बाद सप्ताह भर का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके पूरा होने के बाद फिर से बैठक कर आगे की रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।