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शिक्षिका मनीषा मौत मामला: जल गई चिता, सुलगते रह गए सवाल, पुलिस की थ्योरी बनी पहेली

Thu, 21 Aug 2025 10:24 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी

सार

मनीषा की मौत मामले में पिछले नौ दिनों से पुलिस की जांच एक पहेली बनी है, जिसमें कई ऐसे सवालों की भूलभुलैया है, जहां से शुरू होकर फिर वापस नहीं पहुंच रही है। 21 अगस्त को मनीषा के शव का अंतिम संस्कार होने तक पुलिस केवल एक ही थ्योरी पर टिकी है।
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शिक्षिका मनीषा मौत मामला - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शिक्षिका मनीषा की चिता तो जल गई, लेकिन अब भी लोगों के जहन में अनसुलझे सवाल सुलग रहे हैं जिनका जवाब न तो पुलिस के आला अधिकारी दे पा रहे हैं और न ही पुलिस जांच। पुलिस की थ्योरी में अब भी मनीषा की मौत पहेली ही बनी है।
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चरखी दादरी के गांव डांडमा का एक युवक जो मनीषा का सहपाठी रहा है। उससे भी सीआईए की टीम गहन पूछताछ कर चुकी है। वहीं सिंघानी के एक कॉलेज की भूमिका पर भी परिजनों के सवाल बरकरार हैं। हालांकि मनीषा के अंतिम संस्कार के बाद ढाणी लक्ष्मण के ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लौट गए हैं। वीरवार को मनीषा के अंतिम संस्कार के बाद पिता संजय की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद ढिगावामंडी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे तक उन्हें ड्रिप लगाकर कुछ इंजेक्शन दिए गए। इसके बाद उन्हें वापस घर भेज दिया।

9 दिन की जांच में सवालों की भूल-भुलैया

मनीषा की मौत मामले में पिछले नौ दिनों से पुलिस की जांच एक पहेली बनी है, जिसमें कई ऐसे सवालों की भूलभुलैया है, जहां से शुरू होकर फिर वापस नहीं पहुंच रही है। ऐसे में मनीषा के पिता संजय और दादा रामकिशन द्वारा ढिगावामंडी के एक कॉलेज की भूमिका पर उठाए गए सवाल भी दबकर रह गए हैं। परिजन कॉलेज की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते रहे, मगर पुलिस अब तक इस एंगल में कुछ भी बोलने से साफ बच रही है। हालांकि कॉलेज के बाहर पुलिस की तैनाती भी आंदोलन के दौरान रही है। मनीषा के वीरवार सुबह हुए अंतिम संस्कार में आईजी राजश्री, एसडीएम मनोज दलाल, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, सुरेश कोथ, भाजपा नेत्री प्रियदर्शिनी, कमल प्रधान, वरुण श्योराण सहित इलाके के कई संगठनों के सदस्य और ग्रामीण शामिल हुए। अंतिम संस्कार के समय बेटी के पिता संजय खूब फूट-फूटकर रोए और उनके चेहरे के भाव केवल यहीं बयान कर रहे थे कि बेटी को इंसाफ जरूर मिले। 

पहले एसपी, फिर आईजी और अब डीजीपी ने दोहराई मनीषा की आत्महत्या की थ्योरी

मनीषा के 11 अगस्त से लापता होने से लेकर 13 अगस्त को उसका शव मिलने और फिर 20 अगस्त की शाम आंदोलन खत्म होने से लेकर 21 अगस्त को मनीषा के शव का अंतिम संस्कार होने तक पुलिस केवल एक ही थ्योरी पर टिकी है। पहले भिवानी पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार, उसके बाद रोहतक रेंज के आईजी वाई पूर्ण कुमार और अब प्रदेश के डीजीपी शत्रुजीत कपूर मनीषा मौत मामले में सांइटिफिक जांच का हवाला देकर विसरा और पहले व दूसरे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों के पैनल की ओपिनियन रिपोर्ट से आत्महत्या की थ्योरी पर ही अटके हैं। हालांकि परिजन और जनता में मनीषा की मौत को लेकर आक्रोश है। यही वजह है कि प्रदेश सरकार ने दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराकर सीबीआई से इसकी जांच कराने के आदेश दिए हैं। जिसकी प्रक्रिया भी हरियाणा पुलिस की तरफ से शुरू कर दी गई है।

वीरवार सुबह ऐसे हुआ मनीषा का अंतिम संस्कार

परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मृतका के शव को घर के बजाय सीधे श्मशान भूमि में लाया गया।

सुबह 7:30 बजे- एंबुलेंस मृतका के शव को श्मशान भूमि लेकर पहुंची।

सुबह 7:45 बजे- शव को लेकर परिजनों व ग्रामीणों ने अंतिम यात्रा शुरू की

सुबह 7:55 बजे- छोटे भाई नितेश ने मृतका के शव को मुखाग्नि दी

सुबह 8:00 बजे- किसान नेता गुरुनाम सिंह चढूनी श्रद्धांजलि देने पहुंचे

सुबह 8:45 बजे- अंतिम संस्कार के बाद ग्रामीण और संगठनों के लोग पीड़ित के घर पहुंच सांत्वना दी।


 
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सहपाठी को 13-14 की रात को उठाया, 20 की रात को वापस छोड़ा

गांव डांडमा से साढ़े 18 साल के एक युवक को भिवानी सीआईए ने 13-14 अगस्त की रात करीब ढाई बजे घर से उठाया था। जिससे काफी पूछताछ की गई। इसके बाद युवक को 20 अगस्त की रात को गांव में वापस पुलिस ने छोड़ दिया। इस बीच भी पुलिस देर रात तक गांव में चक्कर लगाती रही। असल में ये युवक मनीषा का ढिगावामंडी स्कूल में सहपाठी रहा है। हालांकि पुलिस ने उससे क्या पूछा अभी यह सामने नहीं आया है।


हम हर सहयोग को तैयार, बेटी को मिले इंसाफ : पिता संजय

सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं, सीबीआई से जांच होगी। एम्स से रिपोर्ट आएगी। हमसे जो भी पूछताछ की जाएगी, प्रशासन का पूरा सहयोग किया जाएगा। उम्मीद है जो भी मुजरिम हैं उनको पुलिस आगे लाएगी और पूरा न्याय मिलेगा। पूरे प्रदेश के लोगों का पूरा सहयोग मिला है। जनता के सहयोग से ही सरकार झुकी और सभी मांगें मानी गईं। मैं जनता के सहयोग को कभी नहीं भूला सकता हूं।
-संजय, मनीषा के पिता।

हमें बेटी मनीषा की मौत पर काफी दुख है। इस घटना से पूरा इलाका स्तब्ध है। परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। हम इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं।
-राजश्री, पुलिस कमिश्नर

हमने होनहार बेटी को खो दिया है। हरियाणा पुलिस इस मामले की हर पहलू पर जांच कर रही है। अब ये मामला सीबीआई को सौंपा जाएगा। इस केस से जुड़े सभी तथ्य और सबूत सीबीआई को सौंप दिए जाएंगे। जल्द ही इस केस को सीबीआई को हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी -शत्रुजीत कपूर, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा।

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