एशिया ओसनिया ओलंपिक क्वालिफायर पुरुष वर्ग के 63 किलो भार वर्ग में भले ही भिवानी के मनीष सोमवार को हार गए हों मगर अभी भी उनके पास ओलंपिक का टिकट पाने का मौका है। एशियान ओसनिया ओलंपिक क्वालिफायर में 63 किलो भार वर्ग में छह मुक्केबाजों को कोटा मिलना है और चार ने हासिल कर लिया है। ऐसे में अब बाकी दो की जगह के लिए हारे हुए चार मुक्केबाजों में मंगलवार को मुकाबला होगा। इन चार मुक्केबाजों में जो दो जीतेंगे, उन्हें ओलंपिक का टिकट मिलेगा।
भिवानी के गांव देवसर में 23 वर्षीय मुक्केबाज मनीष कौशिक आर्मी में है और आर्मी की ओर से खेलते हैं। वे एशियन वर्ल्ड चैंपियन में ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं। ऐसे में अगर मंगलवार को होने वाले मुकाबले में भी मनीष ओलंपिक का टिकट नहीं पाते हैं तो उन्हें 20 मार्च को पेरिस में होने वाले विश्व चयन ट्रायल में भी खेलकर टिकट पाने का मौका होगा। वहां स्पर्धा अब से ज्यादा मुश्किल रहेगी। भिवानी के इस मुक्केबाज से भी पूरे देश को उम्मीद है। मनीष कौशिक 2019 में हुई वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज, कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में सिल्वर मेडल हासिल कर चुका है। 63 किलो भार वर्ग में टॉप छह में जगह बनाने वाले को ओलंपिक का टिकट मिलेगा।
नमन, साक्षी को पेरिस जाने के लिए देनी होगी ट्रायल
भिवानी के गांव धनाना वासी साक्षी ढांडा को सोमवार को हुए अपने मुकाबले में हार के साथ निराशा हाथ लगी। 57 किलो भार वर्ग में उसे अब पेरिस में होने वाले वर्ल्ड सिलेक्शन टूर्नामेंट से ही ओलंपिक का टिकट मिल सकता है। मगर साक्षी को उससे पहले देश में ही होने वाली चयन ट्रायल से गुजरना होगा, जहां उसका मुकाबला सोनिया चहल, सोनिया लाठर से होगा। 91 किलो भार वर्ग में हारकर बाहर हुए भिवानी के नमन तंवर के पास भी चयन ट्रायल ही ऑप्शन है जहां उसका मुकाबला हिमाचल के गौरव, चरखी दादरी के नवीन, रोहतक के संजीत से होगा। यहां जीत के बाद ही वह पेरिस में वर्ल्ड ट्रायल टूर्नामेंट में भाग ले सकेगा।