भिवानी। नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सुरुचि अटरेजा सिंह की अदालत ने दोषी युवक को 10 साल का कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
इस संबंध में पीड़िता के पिता द्वारा सिवानी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि आरोपी द्वारा उसकी नाबालिग बेटी को स्कूल जाते समय जबरन अपहरण कर एक होटल पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया तथा घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के आधार पर सिवानी पुलिस थाना में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।
ट्रायल के दौरान पुलिस द्वारा जांच, साक्ष्य एवं दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने कैथल की बैंक कॉलोनी निवासी रवि को दोषी ठहराते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 04 के तहत 10 वर्ष कारावास व 20,000 जुर्माना, धारा 137 बीएनएस के तहत पांच वर्ष कारावास व 10,000 जुर्माना, धारा 351(3) बीएनएस के तहत सात वर्ष कारावास व 5,000 जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया है।