भिवानी। गुरुग्राम की एजेंसी ने नगर परिषद शहरी दायरे की स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का ठेका करीब सवा करोड़ रुपये में लिया है। अगले सप्ताह से नई एजेंसी शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुचारु करने का जिम्मा संभाल काम शुरू करेगी।
कई महीनों से पुराना ठेका खत्म होने की वजह से करीब आधे शहर के अंदर स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। नगर परिषद को शहर की स्ट्रीट लाइट रखरखाव के लिए हर माह करीब सात से आठ लाख रुपये का बजट खर्च करना पड़ता है। जबकि सवा करोड़ में गुरुग्राम की एजेंसी को सालाना रखरखाव का ठेका दिया है।
भिवानी नगर परिषद के 31 वार्डों की हद में 22 हजार से अधिक स्ट्रीट प्वाइंट चिह्नित हैं। इनमें हाईमास्ट लाइटें भी शामिल हैं। नगर परिषद ने हाल ही में शहर के अंदर साढ़े 17 हजार स्ट्रीट लाइटें लगाई थीं। इसमें पुराने स्ट्रीट प्वाइंटों पर भी नई स्ट्रीट लाइटें लगाई थी। लेकिन रखरखाव के अभाव में नई लाइटें और नए प्वाइंटों पर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें भी बंद पड़ी हैं।
शहर के अंदर चौक चौराहों पर भी हाईमास्ट लाइटें बंद हैं, जिनकी वजह से शाम को ही अंधेरा छा जाता है। अब नई एजेंसी के काम संभालने के बाद बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को फिर से चालू किया जाएगा।
नगर परिषद ने शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने से पहले हर प्वाइंट का सर्वेक्षण कराया था। इसके बाद प्रत्येक स्ट्रीट लाइट को एक यूनिक नंबर देने के बाद उसे पोल पर लगवाया था। हालांकि नगर परिषद शहर के 31 वार्डों में करीब साढ़े 17 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट लगवा चुकी है, लेकिन रखरखाव की वजह से इनमें से अधिकांश बंद पड़ी हैं। पिछले दिनों तेज आंधी की वजह से भी स्ट्रीट लाइटों के तार व प्वाइंट ढीले होने से ये बंद हो गई हैं।
ऑटोमेटिक पैनल से भी जुड़ेंगी शहर की स्ट्रीट लाइटें
नगर परिषद पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट सिस्टम का नवीनीकरण करने की भी योजना बना रहा है। इसमें स्ट्रीट लाइट सिस्टम को ऑटोमेटिक पैनल से जोड़ा जाएगा। इन स्ट्रीट लाइटों को चालू करने और बंद करने की भी जरूरत नहीं होगी। शाम ढलते ही ये लाइटें सेंसर के जरिए खुद चालू होंगी और धूप की रोशनी में ये बंद हो जाएंगी। स्ट्रीट पैनल के लिए पूरे शहर के अंदर स्ट्रीट लाइट सिस्टम की नई तार डाली जाएगी। इसमें फाल्ट भी कम होगा। स्ट्रीट लाइट पैनल सिस्टम का मसौदा नगर परिषद ने मुख्यालय को भेजा हुआ था। इस पर आपत्ति दर्ज होकर वापस भेजा गया। पहले ये मसौदा 40 करोड़ का था, मगर अब 10 करोड़ की लागत से नए मसौदे को तैयार कर इसे फिर से मुख्यालय भेजा जाएगा। इसमें नए स्ट्रीट पोल लगाने और ऑटोमेटिक पैनल तैयार करने के लिए भी नए सिरे से डिजाइन तैयार किया गया है।
नगर परिषद ने गुरुग्राम की एजेंसी को शहर की स्ट्रीट लाइट रखरखाव का ठेका करीब सवा करोड़ सालाना के हिसाब से दिया है। नगर परिषद का स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव पर हर माह सात से आठ लाख का खर्च आता है। इससे पहले शहर के अंदर करीब साढ़े 17 हजार से अधिक नई स्ट्रीट लाइटें लगवाई जा चुकी हैं। शहर के सभी 31 वार्डों में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव को लेकर अब कोई समस्या नहीं रहेगी। नई एजेंसी अगले सप्ताह से ही अपना काम शुरू कर देगी।
-भवानी प्रताप सिंह चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।