तोशाम मंडी में लगी सरसों से भरे ट्रैक्टरों की लंबी कतार।
तोशाम। मंडी में उठान की प्रक्रिया धीमी होने से सरसों की ऊंची ढेरियां लग गईं। मंडी गेट पास के लिए ट्रैक्टरों की लंबी कतार लगी। अनाज मंडी में सोमवार सुबह सरसों की फसल बेचने आए किसानों का नंबर दोपहर बाद तक नहीं आ सका। इस कारण धूप में लंबी लाइन लगने से परेशान किसान काफी मायूस नजर आए। पूरा मंडी परिसर सरसों की फसल से अटा है। ऐसे में बारिश होने से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
अनाज मंडी में पिछले कुछ दिनों से सरसों की फसल खरीदी जा रही है लेकिन पिछले दो दिन फसल खरीद का कार्य बंद रहा। इस कारण सोमवार को मंडी में फसल बेचने आए किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी लाइन लग गई और सुबह सात बजे लाइन में लगे किसानों का दोपहर बाद तक भी नंबर नहीं आया।
ऐसे में गर्मी के मौसम के कारण तेज धूप में किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और सुबह से दोपहर बाद तक लाइन में लगे किसान अपने ट्रैक्टर की सीट पर डटे रहने के लिए मजबूर रहे। गांव बादलवाला के किसान सत्यवान ने बताया कि वह सुबह सात बजे सरसों बेचने के लिए तोशाम मंडी में आए थे लेकिन दोपहर तीन बजे तक भी उनका नंबर नहीं आया। शाम तक भी नंबर आने की कोई उम्मीद नहीं है।
गांव ढाणी किरावड़ के किसान सतीश ने बताया कि गर्मी के कारण हाल बेहाल है। सरसों बेचने के लिए सुबह अनाज मंडी में आए थे, लेकिन दोपहर बाद तक नंबर नहीं आया। सुबह से कड़ी धूप में लाइन में लगे हैं, लेकिन नंबर की कोई उम्मीद नहीं है। गांव ढाणी माहू से आए कृष्ण कुमार ने बताया कि लाइन में वह सबसे पीछे हैं और उनसे आगे चार किमी लंबी लाइन लगी है। घटने के बजाय लाइन बढ़ती जा रही है।
मंडी में खरीदी गई सरसों की फसल की उठान प्रक्रिया धीमी होने की वजह से मंडी परिसर में सरसों की फसल के ऊंचे ढेर लगे थे। पूरी फसल खरीदी जाने पर जगह के अभाव में सरसों की फसल को खाली करवाने की चुनौती है। कई किसान किराये के वाहन में फसल बेचने आए थे। ऐसे किसानों को किराये के रूप में अतिरिक्त आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है। ऐसे किसानों को फसल बेचने में भी परेशानी हो रही है।
मार्केट कमेटी के सचिव सुदेश रानी ने बताया कि पिछले दो दिन खरीद का कार्य बंद था। इस कारण सोमवार को मंडी में किसानों की भीड़ रही। खरीद कार्य तेज करने के लिए तीन कंप्यूटर ऑपरेटर लगाए गए हैं। गेट पास की कोई समस्या नहीं है। आज फसल खरीद का कार्य निरंतर चल रहा है। कोई दिक्कत नहीं है। सरसों का उठान न होना भीड़ बढ़ने का मुख्य कारण है।