तीन वर्ष पहले एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक ओमप्रकाश बड़वा पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटा
लोहारू। लोहारू विधानसभा क्षेत्र के साथ पूर्व मुख्यमंत्री स्व. ओमप्रकाश चौटाला के काफी संपर्क रहे हैं। चौटाला सरकार में लोहारू के विधायक चौ. बहादुर सिंह शिक्षा मंत्री रहे थे।
प्रदेश में चौ. ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में चली इनेलो की लहर के दौरान वर्ष 2000 में लोहारू क्षेत्र से इनेलो के टिकट पर चौ. बहादुर सिंह करीब छह हजार मतों से जीते थे। चौ. बहादुर सिंह इनेलो सरकार में प्रदेश के शिक्षा मंत्री भी रहे। पूर्व मंत्री चौ. बहादुर के बड़े पुत्र एवं सेवानिवृत्त आयुक्त जगदीप सिंह ने कहा कि स्व. ओमप्रकाश राजनीति के बड़े स्तंभ रहे हैं।
विपरीत राजनीतिक लहर में भी हलके की जनता लोहारू से इनेलो के प्रत्याशी को विधानसभा में भेजती थी। वर्ष 2009 के चुनाव में प्रदेश में भले ही कांग्रेस की सरकार बनी हो लेकिन लोहारू क्षेत्र से इनेलो प्रत्याशी मा. धर्मपाल ओबरा जीते थे। वर्ष 2014 के चुनाव में प्रदेश में भाजपा की जीत के बावजूद लोहारू से ओमप्रकाश बड़वा इनेलो के टिकट पर विधायक बने।
दोनों पूर्व विधायकों समेत इनेलो के हलका प्रधान संजय बिसलवास, वजीन सिंह मान, सुरेंद्र राठी, रवींद्र ढाणी रहीमपुर सहित राजनीति से जुड़े लोगों ने ओमप्रकाश चौटाला के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश चौटाला राजनीति के चाणक्य थे। वह हर वर्ग के कल्याण को तवज्जो देते थे। उनके निधन से राजनीति के युग का अंत हो गया है। उनके निधन की सूचना से वह स्तब्ध हैं। उनके जाने से राजनीति के एक युग का अंत हो गया। राजनीति के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।