डीआर सेंटर में एड्स पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते सीजेएम पवन कुमार।
भिवानी। सीजेएम कम सचिव पवन कुमार की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं चिकित्सा विभाग के तत्वावधान में एड्स से बचाव पर जागरूकता सेमिनार हुआ। इसमें स्वास्थ्य विभाग, पैनल अधिवक्ता सहित पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने भाग लिया।
सेमिनार में डॉ. अनुज कुमार और डॉ. पुलकिता ने बताया कि एड्स से बचाव के लिए संकोच छोड़कर समय पर जांच व उपचार से वायरस लोड कम किया जा सकता है। एक बार इलाज शुरू हो जाने के बाद डरने जैसी कोई बात नहीं होती है। ऐसे मरीजों की केयर की आवश्यकता है। नियमित दवा के सेवन से मरीज सामान्य जैसा हो जाता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता अनुराधा खनगवाल ने एड्स एचआईवी अधिनियम 2017 के बारे संयुक्त रूप से कानूनी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एड्स के बारे में भ्रांतियों जैसे खांसी, भोजन, स्पर्श से एड्स होना गलत बताया गया। इन आधारों पर एड्स रोगी के साथ में भेदभाव किया जाना अमानवीय है।
एड्स रोगी के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव पर कानूनी कार्यवाही व सजा प्रावधान है। इस कार्यशाला में कानूनी सहायता बचाव वकील के सहायक एडवोकेट विनोद कुमार ने बच्चों की देखभाल और संरक्षण अधिनियम 2015 और पॉक्सो का अधिनियम 2012 के मुख्य विशेषताओं के बारे में जागरूक किया।