भिवानी। पेयजल संकट से नाराज उमरावत गांव के ग्रामीणों ने रोष जताया और जलघर को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों मटके फोड़ और विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 15-15 दिन तक पानी नहीं आता। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द पानी नहीं मिला तो मंत्री आवास का घेराव करेंगे।
शनिवार सुबह पेयजल समस्या से खफा उमरावत गांव के ग्रामीण एकत्रित होकर गांव के जलघर पर पहुंचे और जलघर के मुख्य गेट को ताला लगा दिया। महिलाओं ने मटके फोड़ प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अभी तो सिर्फ जलघर को ताला लगाया है, जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जनस्वास्थ्य मंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
ग्रामीण घड़सी, मांगे, सतबीर, पूर्व सैनिक बिंटू, रामदास, महाबीर, पूर्व पंच जयकिशन, रामबिलास आदि ने बताया कि गांव में पेयजलापूर्ति आए 15 दिन हो चुके है। अक्सर 15-15 दिन तक ग्रामीणों को पेयजल सप्लाई का इंतजार करना पड़ता है। अधिकांश समय तो जलघर में पानी होने के बावजूद सप्लाई नहीं की जाती। ऐसे में ग्रामीणों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता है या टैंकर से पानी मंगवाना पड़ता है, जो महंगा पड़ता है। ग्रामीण ही नहीं गांव में पालतू पशुओं के लिए भी पेयजल संकट बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों को भी अपने बार समस्या बताई मगर आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। सीएम विंडो पर भी शिकायत की मगर एक-दो दिन तो पानी ठीक आया मगर उसके बाद अब फिर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने जलघर की लाइन सीधे भिवानी से जोड़ने की मांग की। इस मौके पर रामौतार, पूनी देवी, बाला, रामधारी, उमेद, साधू, देवेंद्र, नरेश, कृष्ण, गीता, बबीता, केला देवी, भतेरी, चंदा आदि मौजूद रहे।
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स्टोरेज क्षमता भी है कम
गांव की आबादी के अनुसार जलघर के टैंकों की क्षमता भी कम है। ग्रामीणों के अनुसार, जलघर के टैंकों में केवल 15 से 20 दिन तक का ही पानी स्टोर किया जा सकता है। नहर में पानी एक महीने बाद ही आता है। अब तो 45 दिन में नहर आने की बात कही जा रही है। ऐसे में कैसे उनका काम चलेगा। ग्रामीणों ने जलघर पर एक और टैंक बनाने की मांग की।