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लंपी स्कीन वायरस : 14 पशुओं ने तोड़ा दम, 156 नए आशंकित मिले

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भिवानी। लंपी वायरस हर रोज गंभीर होता जा रहा है। शनिवार को भी 14 पशु दम तोड़ गए। वहीं जिले में अब तक 52 पशु दम तोड़ चुके हैं। आशंकितों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को 156 नए आशंकित सामने आए, जिसके बाद आशंकितों का आंकड़ा बढ़कर 1741 तक पहुंच गया है। राहत की खबर यह है कि आशंकित पशु ठीक भी हो रहे हैं और अब तक 360 ठीक हो चुके हैं।
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पशुओं खासकर गायों में लंपी स्कीन वायरस तेजी से फैल रहा है। जिले के सिवानी क्षेत्र के कुछ गांवों में स्थिति गंभीर बनी है। जिलेभर में पिछले करीब सात दिन से औसतन हर रोज 100 से अधिक आशंकित सामने आ रहे हैं और दम तोड़ने वाले पशुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। शनिवार को भी 156 नए आशंकित पशु सामने आए वहीं 14 दम तोड़ गए। पशुपालन विभाग जांच के साथ वैक्सीनेशन पर जोर दिए हुए है। शनिवार को 10555 पशुओं को वैक्सीन लगाई गई। जिले में अब तक 64659 को वैक्सीन लगाई जा चुकी है और करीब एक लाख पशुओं को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। विभाग के पास जिले में फिलहाल करीब 23 हजार वैक्सीन की डोज बची है। विभाग की योजना है कि अगले सप्ताह में निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
300 सूअरों की मौत की आशंका
जिले के गांवों में स्वाइन फीवर भी गंभीर बना है। सैकड़ों की संख्या में सूअर दम तोड़ चुके हैं मगर सरकारी रिकार्ड में यह आंकड़ा बहुत कम है। पशुपालकों की माने तो करीब 300 पशु दम तोड़ चुके हैं।
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चिकित्सक चला रहे जांच के साथ जागरूकता अभियान
जिले में लंपी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन अभियान तेजी से चल रहा है। इसके अलावा पशु चिकित्सक जिलेभर में जागरूकता अभियान भी चलाए है। शनिवार कोभी चिकित्सकों ने बामला, मंढाणा, खरक आदि गांवों की गोशालाओं और पशुपालकों के पास जाकर पशुओं का निरीक्षण किया और उन्हें लंपी से बचाव के लिए भी जागरूक किया।
कब-कब कितने आशंकित आए सामने और कितनी हुई मौत
दिन आशंकित पशु मौत
23 अगस्त 133 06
24 अगस्त 122 05
25 अगस्त 140 06
26 अगस्त 192 13
27 अगस्त 156 14
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जिले में वैक्सीनेशन अभियान तेजी से चलाया जा रहा है और अगले एक सप्ताह में सभी पशुओं को वैक्सीन लगा दी जाएगी। जिलेभर में आज भी 156 आशंकित पशु आए है। अब जरूरी है कि पशुपालक भी सहयोग करें और अपने पशुओं की अच्छे से देखभाल करें। उनकी साफ-सफाई, मच्छर-मक्खियों से बचाने पर विशेष फोकस करें।
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- डॉ. प्रदीप कुमार, एसडीओ, पशुपालन विभाग।
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