हरियाणा सरकार की राज्य के गांवों को लाल डोरा मुक्त करने के फैसले के तहत जिले के 11 गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों ने पंचायतों के साथ मिलकर कार्य भी शुरू कर दिया है। जिले में दो अक्तूबर तक इन 11 गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जाएगा।
लाल डोरा मुक्त योजना के तहत जिले के इन गांवों में ड्रोन से मैपिंग का कार्य किया गया है। उन सभी गांवों में राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारी आपसी तालमेल से गांव की हद में चूना डलवाने के कार्य को टीम बनाकर पूरा किया है। राजस्व और पंचायत विभाग के अधिकारियों ने ड्रोन से मैपिंग और गांव की हद में चूना डालने की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को जमा करवा दी है। जिसके बाद संबंधित अधिकारियों के निर्देशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। लाल डोरा मुक्त होने से यहां के लोगों को गांव में स्वामित्व का अधिकार मिलेगा और अनेक योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। लोगों को कानूनी रूप से आबादी क्षेत्र में उनकी जमीन का मालिकाना हक मिल जाएगा।
अब ग्रामीण क्षेत्र में मकानों की हो सकेगी रजिस्ट्री
लाल डोरा अंग्रेजों के जमाने की प्रथा है। अब नया युग सूचना प्रौद्योगिकी का है। पुरानी प्रथा को राज्य की मौजूदा सरकार खत्म कर रही है जोकि आज की जरूरत है। लाल डोरा मुक्त होने पर गांवों में रहने वाले लोग अपने मकान की रजिस्ट्री करा सकेंगे और वे कानूनी रूप से अपने मकान के मलिक बन जाएंगे। वे अपने मकान बेच सकेंगे और खरीदने वाले को भी रजिस्ट्री करानी होगी। यही नहीं, मकान मालिक अपने मकान पर लोन भी ले सकेंगे। इसलिए ग्रामीणों के प्रति मकान के हिसाब से 66 रुपये तहसील में अपने दस्तावेजों के साथ जमा करवाने होंगे। जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में भी शहरों की तर्ज पर रजिस्ट्री की व्यवस्था हो जाएगी।
जिले के ये 11 गांव होंगे लाल डोरा मुक्त
जिले में भिवानी ब्लॉक से दो गांव ढाणी ब्राह्मणान, भाखड़ा और कैरू ब्लॉक से नौ गांव भानगढ़, गोलागढ़, हेमतपुरा, लालावास, पोहकरवास, ढाब ढाणी, बाबरवास, झुंडावास, खैरपुरा माजरा को लाल डोरा मुक्त करने के लिए जिले की प्रथम सूची में शामिल किया गया है।
वर्जन-
सरकार और उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार जिले में भिवानी और कैरू ब्लॉक के 11 गांवों को लाल डोरा मुक्त करने की सूची में शामिल किया गया है। जिसके तहत उन गांव में ड्रोन मैपिंग और गांव की हद में चूना डलवाकर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी है। इसमें कोई भी परिवर्तन होगा तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दे दी जाएगी।
- रोशन श्योराण, एसईपीओ