फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: किरण चौधरी ने राज्यसभा में भिवानी हवाई पट्टी को कंटेनर टर्मिनल के रूप में विकसित करने की उठाई मांग

Fri, 07 Feb 2025 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
विज्ञापन
भिवानी। 70 के दशक में बनी भिवानी की हवाई पट्टी को अब कंटेनर टर्मिनल के रूप में विकसित करने की मांग मुखर हो गई है। ये मांग खुद राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने राज्यसभा में उठाई है।
विज्ञापन

दरअसल, भिवानी-महम मुख्य मार्ग पर गांव कालुवास के समीप गुजरानी गांव की करीब 128 एकड़ भूमि पर हवाई पट्टी 1975 में बनाई गई थी। शुरुआत में 1070 मीटर लंबा रनवे बनाया गया और एक हैंगर का निर्माण हुआ। इस रनवे को 17 करोड़ 37 लाख का बजट खर्च कर 190 मीटर और अधिक लंबा किया जा चुका है। अब भिवानी हवाई पट्टी का रनवे की लंबाई 1260 मीटर हो गई है।

राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने शुक्रवार को राज्यसभा में भिवानी हवाई पट्टी को कंटेनर टर्मिनल के रूप में विकसित करने की मांग उठाई है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि भिवानी हवाई पट्टी को अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल में बदलने के लिए एक विस्तृत डीपीआर तैयार करवाई जाए और उसके निर्माण के लिए सरकार द्वारा बजट एलॉट किया जाए।
विज्ञापन

इससे हरियाणा की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में और बाधाओं को कम करते हुए भारत को वैश्विक व्यापार लीडर के रूप में स्थापित करेगा। इस बुनियादी ढांचे के विकास की तत्काल आवश्यकता है। जिसमें हरियाणा के विकास पुरुष पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल ने इसका निर्माण करवाया था।

दिल्ली के हवाई अड्डे का दबाव भी होगा कम
किरण ने कहा कि हरियाणा, विशेष रूप से दिल्ली से निकटता के कारण भिवानी हवाई पट्टी, जिसका चौधरी बंसीलाल में 1975 में निर्माण करवाया था, अब उसे कंटेनर टर्मिनल और कार्गो टर्मिनल में तब्दील किया जाए। इसके निर्माण होने के पश्चात राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के हवाई अड्डे का भी दबाव कम हो जाएगा। इससे हरियाणा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लिए हवाई कार्गो बुनियादी ढांचे की यह अनुपस्थिति औद्योगिक विकास, व्यापार और आर्थिक विकास में बाधा डालती है।

दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और गुजरात जुड़े भिवानी के हाईवे

किरण ने कहा कि भिवानी अपनी बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी के कारण इस तरह की परियोजना के लिए एक आदर्श स्थान के रूप से स्थित है। यह एनएच-9, एनएच-148बी और एनएच-709ए सहित कई राष्ट्रीय राजमार्ग इस क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। जो इसे दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और गुजरात से जोड़ते हैं। भिवानी को कंटेनर और कार्गो संचालन के लिए एक आदर्श केंद्र बनाती है। यहां एक कंटेनर टर्मिनल विकसित करने से माल ढुलाई में आसानी होगी, औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं में वृद्धि होगी और निर्यात में सुविधा होगी, खासकर हरियाणा के संपन्न ऑटोमोबाइल, कपड़ा और कृषि उद्योगों के लिए हितकारी होगी। इसके अलावा दिल्ली में भीड़भाड़ को कम करने में मदद करेगी, जो वर्तमान में कार्गो और लॉजिस्टिक्स यातायात का भारी बोझ वहन करती है। भिवानी में कार्गो हब स्थापित करने से परिवहन लागत कम होगी, दक्षता में सुधार होगा और वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों में बड़े निवेश आकर्षित होंगे।


भिवानी में चल रहा फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल, 100 युवा ले रहे प्रशिक्षण

गुरुग्राम की एफएसटीसी यहां फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल का संचालन कर रही है। इसमें करीब 100 भिवानी सहित अन्य प्रांतों के करीब सौ युवा यहां 200 घंटे तक एयर क्राफ्ट और छोटे हवाई जहाज उड़ान भरने का कॉमर्शियल लाइसेंस यानी बेसिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन युवाओं को किसी भी एयर फ्लाइट कंपनी में जॉब के लिए कॉमर्शियल लाइसेंस अनिवार्य है। इसके बाद ही ये पायलट बनने के लिए हैवी ड्यूटी जहाज उड़ान का प्रशिक्षण हासिल कर पाएंगे।



एटीसी टावर और फायर स्टेशन को भी दी थी हरी झंडी

विगत में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला ने हवाई पट्टी का निरीक्षण के दौरान विस्तारीकरण के कार्य का निरीक्षण किया था। इस दौरान यहां पर एटीसी टावर और फायर स्टेशन को भी हरी झंडी दी गई। इसके बाद अब इस प्रक्रिया को शुरू किया गया। हवाई पट्टी पर छोटा पावर सब स्टेशन के अलावा स्थायी पुलिस चेक पोस्ट भी स्थापित किया गया है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें