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Bhiwani News: हांसी सीआईए द्वितीय के तत्कालीन इंचार्ज विजय तंवर सहित तीन पुलिस कर्मचारियों पर अपहरण का केस दर्ज

Fri, 20 Oct 2023 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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तोशाम(भिवानी)।
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तोशाम क्षेत्र के गांव रिवासा ढाणी निवासी रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी मनीष कुमार का अपहरण कर उसे अवैध हिरासत में रखे जाने के मामले में एडीजीपी के आदेश पर हांसी सीआईए द्वितीय के तत्कालीन इंचार्ज विजय तंवर सहित तीन अन्य पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। मामला दो साल पुराना है। इसमें अब आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ तोशाम थाना में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।
तोशाम पुलिस थाना में दर्ज बयान में गांव ढाणी निवासा निवासी मनीष कुमार ने बताया कि गत 20 अगस्त 2021 की सुबह 11 बजे वह तोशाम के सुरेंद्र चौक स्थित वर्कशाॅप में अपनी कार ठीक करा रहा था। इसी दौरान वहां चार सादी वर्दी में चार पुलिस कर्मचारी हथियारों से लैस होकर आए। उन्होंने उसका नाम और पता पूछा फिर उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए। आरोपियों ने विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की और उसे हांसी के एरिया में घुमाते रहे।
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उसने आरोप लगाया कि तीन दिन तक उसे डंडों और चमड़े की बैल्ट से पीटा गया। उसने पानी में डुबोकर थर्ड डिग्री टार्चर के भी आरोप जड़े। उसने उस समय सीआईए हांसी द्वितीय के इंचार्ज विजय तंवर पर मारपीट के आरोप लगाए जबकि तीन अन्य पुलिस कर्मचारियों ने मारपीट में साथ दिया। उसने आरोप लगाया कि उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई। उसे शारीरिक यातनाएं देते हुए अलग-अलग जगहों पर रखा गया। इसके बाद 22 अगस्त की शाम सात बजे उसे गाड़ी में बैठाकर हांसी अनाज मंडी के पास गाड़ी से धकेलकर बाहर फेंक दिया। उसका मोबाइल फोन और पर्स में 400 रुपये भी छीन लिए। उसने परिजनों से संपर्क किया। जिसके बाद उसे इलाज के लिए तोशाम के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।


सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका, एसआईटी की जांच के बाद एडीजीपी के आदेश पर दर्ज हुआ केस
पीड़ित मनीष कुमार ने सीआईए पुलिस द्वारा अवैध हिरासत में रखकर अमानवीय प्रताड़ना देने के मामले में भिवानी और हांसी एसपी को शिकायत दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर 28 जनवरी 2022 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को इस मामले में जल्द निपटान के आदेश दिए। हाई कोर्ट ने 10 अगस्त 2023 को इस मामले में डीजीपी को तुरंत मामले के निटान के आदेश दिए। डीजीपी ने एसआईटी गठित करने के आदेश दिए। एडीजीपी श्रीकांत जाधव के नेतृत्व में एसआईटी द्वारा जांच की गई। इसके बाद एडीजीपी ने भिवानी पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में 10 अक्तूबर को आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए। भिवानी पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में तोशाम पुलिस थाना में आदेश पत्र जारी कर इस संबंध में आरोपी विजय तंवर व तीन अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए। जिसके बाद शुक्रवार को इस संबंध में केस दर्ज किया गया।

एडीजीपी कार्यालय से आदेश पत्र मिल चुका है। इस बारे में तोशाम पुलिस थाना में संबंधित पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी।
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-वरुण सिंगला, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।

तीन सदस्यीय एसआईटी ने की थी जांच
इस मामले में 31 अगस्त को डीएसपी गौरव शर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्य एसआईटी गठित की थी। इसमें एसआईटी ने जांच पूरी की। इस दौरान पीड़ित सहित इंस्पेक्टर विजय तंवर, उनके साथी व रोहतक के होटल मालिक सहित विभिन्न लोगों के बयान दर्ज किए। इसके बाद रिपोर्ट एडीजीपी के समक्ष पेश की गई। एडीजीपी ने अवलोकन कर एसपी भिवानी को मामला दर्ज करने के लिए आदेश दिए। आदेश बुधवार को जारी किए गए। वहीं इस मामले में उन्हें तय सीमा में जांच पूरी करने के लिए कहा है। इस दौरान मामले में शामिल अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के नाम पता करने के लिए कहा है। ताकी उनपर कार्रवाई की जा सके। हांसी के एसपी को इस मामले में इंस्पेक्टर विजय तंवर व अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच करने के लिए कहा गया है। मामले में पीड़ित को एडीजीपी के 17 पेज के आदेश मिले हैं। पत्र में लिखा है कि मनीष द्वारा आठ लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था। लेकिन जांच के दौरान आरोप से संबंधित कोई सबूत नहीं मिले। विजय तंवर पर एक महीने पूर्व सिटी थाना में मनीष ने जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करवाया था। मामला दर्ज होने के बाद इंस्पेक्टर विजय तंवर भी मनीष के खिलाफ एससी एसटी एक्ट व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया था।
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