भिवानी। औलाद की चाह में एक महिला ने अपने साथियों के साथ छह वर्षीय बच्चे का अपहरण किया था। यह खुलासा सीआईए प्रथम की गिरफ्त में आई महिला व उसके साथियों ने किया है। पुलिस ने अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपियों से आई-20 कार भी बरामद की है। वहीं अपहरण के 24 घंटे बाद ही सीआईए द्वितीय के इंचार्ज श्रीभगवान यादव की टीम ने बच्चे को सकुशल बरामद भी कर लिया था। बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने सीआईए टीम का हाथ जोड़कर धन्यवाद किया था।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव भैणी जाटान वासी बुजुर्ग महिला सुंदर ने बवानीखेड़ा पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 20 अप्रैल को अपने मायके गांव देवसर से अपने गांव भैणी जाटान अपने पोते के साथ आ रही थी। वह बवानीखेड़ा बस स्टैंड पर पहुंची और दूसरी बस के इंतजार में बस स्टैंड पर बैठ गई। इसी दौरान उसके पोते ने दादी से खाने पीने की चीज मांगी। जिस पर पास में बैठी महिला ने छोटे बच्चे को चीज दिलाकर लाने की बात कही और बच्चे को अपने साथ ले गई। इसी दौरान महिला ने अपने दो अन्य साथियों के साथ आई-20 कार में बच्चे का अपहरण कर लिया। बवानीखेड़ा पुलिस ने इस संबंध में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छह वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले में सीआईए द्वितीय के इंचार्ज श्रीभगवान यादव के नेतृत्व में टीम ने अपहरणकर्ताओं का सुराग लगाते हुए 24 घंटे बाद ही हांसी पहुंच वहां से टीम ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था। मगर अपहरणकर्ता वहां पुलिस के पहुंचने से पहले ही गायब हो गए।
सीआईए प्रथम के एएसआई सत्यवान की टीम ने बच्चे के अपहरण मामले में तीन आरोपियों को हांसी से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महिला आरोपी की पहचान सीमा वासी जींद, संजय वासी राजपुरा व मोनू के रूप में की है। पुलिस ने बच्चे के अपहरण में प्रयोग की गई आई 20 कार भी बरामद की है। पुलिस पूछताछ में महिला सीमा ने खुलासा किया कि उसे कोई औलाद नहीं थी। इसलिए उसने भिवानी से ही बुजुर्ग महिला का उसी बस में बैठकर पीछा किया था। बवानीखेड़ा बस स्टैंड पर उसे मौका मिला तो उसने बच्चे को गायब कर दिया। आरोपी महिला को मंगलवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। आरोपी संजय व मोनू को बुधवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।