भिवानी। प्रदेश की सिंचाई जल संसाधन एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि हर खेत तक पर्याप्त पानी पहुंचाना सिंचाई विभाग का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए प्रदेश में नहरों और सिंचाई तंत्र को मजबूत करने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वह वीरवार को विजय नगर स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चौधरी भी मौजूद रहीं।
श्रुति चौधरी ने बताया कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए भिवानी जिले में अक्तूबर 2024 से अब तक सिंचाई विभाग के 288 करोड़ रुपये की लागत वाले 91 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। वहीं 75 करोड़ रुपये की लागत से 29 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि एचएसडीआर एवं एफसीबी की 57वीं बैठक में करीब 56 करोड़ रुपये की लागत के 325 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 14 कार्य पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम को देखते हुए सिंचाई विभाग पूरी तरह सतर्क है। जिले में ड्रेनों की सफाई करवाई गई है और संबंधित गांवों के सरपंचों से इसकी पुष्टि ली गई है। इसके अलावा करीब 34 करोड़ रुपये की नई विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है जिन पर जल्द काम शुरू होगा।
मंत्री ने बताया कि नाबार्ड के तहत 197 करोड़ रुपये की 42 योजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें 51 करोड़ रुपये की लागत से मिताथल फीडर पुनर्वास परियोजना शामिल है। वहीं विश्व बैंक की सहायता से 135 करोड़ रुपये की 18 परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं जिनमें सुंदर उपशाखा पुनर्वास और जल निकायों के सुधार कार्य प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि वीरवार को जिले में छह विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया जिन पर 7.56 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इनमें खेतों के रास्तों का विकास, लोहारू फीडर पर तीन सर्वमौसम पुलों का निर्माण और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से करीब 900 एकड़ कृषि भूमि की जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज मंजूर कराने के लिए करना पड़ा था कड़ा संघर्ष
पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने कहा कि पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चौधरी बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में मर्ज नहीं किया जाएगा बल्कि इसे मेडिकल कॉलेज से अटैच किया जाएगा। दोनों संस्थानों में अलग-अलग ओपीडी सेवाएं जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दिलाने के लिए लंबे संघर्ष का सामना करना पड़ा और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका शुभारंभ होना जिले के लिए गौरव का अवसर है।