भिवानी। गांव बामला माइनर में टैंकर से पानी डालने के मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया। बामला माइनर की टेल तक पानी पहुंचा दिखाने के लिए टैंकर से पानी डालकर नहर को गीली करने का वीडियो ग्रामीणों ने वायरल कर दिया था। जिस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जांच बैठा दी। अधिकारियों ने पूरी रात और वीरवार सुबह बामला माइनर में पानी चलने का दावा किया। वहीं ग्रामीणों ने वीरवार को फिर से गीली नहर को दिखाते हुए मात्र आधा घंटे ही पानी पहुंचने का आरोप लगाया।
दरअसल, बौंद जल सेवा मंडल के अंतर्गत आने वाली बौंद डिस्ट्रीब्यूटरी नहर से बामला माइनर की टेल तक पानी नहीं पहुंचने का ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पीने के पानी का संकट बना हुआ है। जबकि सिंचाई के लिए भी किसानों को नहरी पानी नहीं मिला है।
बौंद डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में सात मई से ही नहरी पानी चलने का दावा सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। 700 क्यूसेक पानी डिमांड के मुकाबले नहर में 500 क्यूसेक पानी चल रहा है। जबकि नहर में कम पानी होने की वजह से माइनर की टेल तक पानी पहुंचाने में मुश्किलें हो रही हैं। गांव बामला के जयकिशन, सोमबीर, कृष्ण, जयबीर, उमेद, रणधीर ने बताया कि वीरवार को सुबह जब वे खेतों में पहुंचे तो माइनर गीली थी। माइनर में मुश्किल से आधा घंटे ही पानी चला था। ग्रामीणों ने बताया कि उनके खेतों में अगली फसल बीजाई की तैयारी चल रही है, मगर नहरी विभाग से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। वहीं गांव में पीने के पानी का भी संकट गहराता जा रहा है।
सिंचाई अधिकारी कर रहे जांच, सरकार को बदनाम करने की हो सकती है साजिश
सिंचाई विभाग के अधिकारी वायरल हुई वीडियो की जांच में जुट गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर लग रहा है कि किसी शरारती तत्व द्वारा सरकार व विभाग को बदनाम करने की साजिश है, क्योंकि सिंचाई विभाग टैंकर से किसी भी तरह से पानी की कोई सप्लाई नहीं करता है। पानी का टैंकर नहर में खाली किया जा रहा है, उस पर विभाग का कोई कर्मचारी संलिप्त है या फिर विभाग को बदनाम किया जा रहा है, इस पहलु पर भी अधिकारी जांच में जुटे हैं। जबकि ग्रामीणों ने टैंकर खाली किए जाने के दौरान ही वीडियो बनाया था और टैंकर चालक से भी बात की थी।
वर्जन-
बामला माइनर में बुधवार रात से ही पानी चल रहा है। वीरवार सुबह भी पानी चला है। शाम तक पानी बंद हो जाएगा। टेल तक पानी पहुंचाना हमारी ड्यूटी है। मैंने एसडीओ को इस प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। यह पता लगाया जाएगा कि आखिर ये माजरा क्या था। मैं खुद हैरान हूं कि इस तरह नहर में टैंकर से पानी डालने का क्या मकसद और मानसिकता रही है।
- अरूण मुंजाल, कार्यकारी अभियंता बौंद जल सेवा मंडल सिंचाई विभाग।