कोविड महामारी संक्रमण के दौरान उपचार से संबंधित अनिमितताओं की जांच के लिए डीसी जयबीर सिंह आर्य द्वारा गठित कमेटी ने पंचायत भवन में सुनवाई की। कमेटी सदस्यों ने उनके सामने प्रस्तुत किए दस्तावेजों की गहनता से जांच की। कमेटी द्वारा अभी जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के पास कोविड उपचार के नाम पर अधिक पैसे वसूल किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी द्वारा कोविड का उपचार करने वाले अस्पतालों के उपचार संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। कमेटी द्वारा जांच के दौरान कोविड का उपचार करने वाले अस्पतालों से जरूरी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कुछ अस्पतालों द्वारा पूर्ण दस्तावेज कमेटी के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए थे। जिला प्रशासन द्वारा एसएमएसजी हॉस्पिटल भिवानी, अंचल मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल भिवानी, आरपीएस अस्पताल भिवानी और श्री गणेशा अस्पताल को चार जुलाई को अपने मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया था। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील करते हुए कहा था कि यदि किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति से उपचार के नाम पर अधिक पैसे वसूल किए गए हैं वे भी कमेटी के समक्ष अपनी शिकायत दे सकते हैं।
डीसी के निर्देशानुसार रविवार को पंचायत भवन में जांच कमेटी में शामिल सदस्य हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के ईओ सुरेश रवेश कुमार, चौ. बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल से प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य, डॉ. ईश्वर गुप्ता, हेमंत ग्रोवर, उपायुक्त कार्यालय से अकाउंट ऑफिसर अशोक कुमार ने उनके पास आए शिकायतों व अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच की। पंचायत भवन में कमेटी के सामने कई लोग आए जिन्होंने कोरोना के उपचार के नाम पर उनसे अधिक पैसे वसूल किए जाने की शिकायत की। इस पर कमेटी सदस्यों ने उपचार से संबंधित सारे कागजात प्रस्तुत करने को कहा। कमेटी सदस्यों ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा उपचार के सभी दस्तावेज प्रस्तुत किया जाना जरूरी है ताकि जांच सही ढंग से की जा सके। कमेटी सदस्यों ने बताया कि उनके समक्ष आ रही शिकायतों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच अभी जारी है।